
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत ने अपनी तैयारियों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोल, डीज़ल व एटीएफ जैसे आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे अल्पकालिक व्यवधानों का सामना किया जा सके।
वहीं, मंत्रालय की ब्रीफिंग के अनुसार, भारत पेट्रोलियम उत्पादों का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आयातक, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। पिछले वर्षों में आयात स्रोतों में विविधता लाकर उपलब्धता और किफायती आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। भारतीय ऊर्जा कंपनियों के पास अब ऐसी सप्लाई लाइनों तक पहुंच है जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से होकर नहीं गुजरतीं, जिससे संभावित बाधाओं का जोखिम कम होता है।
बता दें, सरकार ने देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और स्टॉक पर नजर रखने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। मंत्रालय ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर चरणबद्ध कदम उठाए जाएंगे।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास लगभग 25 दिनों का कच्चे और परिष्कृत तेल का स्टॉक है। साथ ही, कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के वैकल्पिक स्रोतों की भी तलाश जारी है। मौजूदा परिस्थितियों के बीच पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।









