मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर: कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार, वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता

ईरान द्वारा जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर हमले करने के कारण तेल आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति ने वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को और अधिक बढ़ा दिया है।

मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। हाल ही में ब्रेंट क्रूड की कीमत 108.77 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो कोरोना की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। यह एक दिन में कीमतों में आई सबसे बड़ी बढ़त के रूप में दर्ज की गई है।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है। ईरान द्वारा जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर हमले करने के कारण तेल आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति ने वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को और अधिक बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह उछाल वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है। इन घटनाओं ने तेल आपूर्ति श्रृंखला में अस्थिरता पैदा की है, जिसका असर न केवल तेल उत्पादक देशों पर, बल्कि उपभोक्ता देशों पर भी पड़ेगा।

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