मिडिल ईस्ट संकट के बीच, LPG किल्लत पर केजरीवाल ने मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार…

हालात यह हैं कि शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है और निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वहीं, एलपीजी की कमी की खबरें भी कई राज्यों से सामने आ रही हैं। कई जगहों पर लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे आम जीवन प्रभावित हो रहा है।

Delhi: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत में इसके असर को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संभावित संकट के लिए समय रहते तैयारी नहीं की, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

बता दें, केजरीवाल ने ट्वीट कर पोस्ट में कहा, कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव पहले से बढ़ रहा था और यह आशंका जताई जा रही थी कि युद्ध की स्थिति बन सकती है। इसके बावजूद सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

वहीं, हालात यह हैं कि शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है और निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वहीं, एलपीजी की कमी की खबरें भी कई राज्यों से सामने आ रही हैं। कई जगहों पर लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे आम जीवन प्रभावित हो रहा है।

इसके अलावा, छोटे व्यापारियों और उद्योगों पर भी इसका असर पड़ा है। एलपीजी की कमी और लागत बढ़ने के कारण कई छोटे व्यवसायों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इससे रोजगार और आमदनी पर भी असर पड़ा है, खासकर प्रवासी मजदूरों के सामने आजीविका का संकट गहराता जा रहा है।

वहीं, केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि रुपये की कीमत में गिरावट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि सरकार को पहले से वैकल्पिक ऊर्जा आपूर्ति के विकल्प तैयार करने चाहिए थे, ताकि इस तरह की स्थिति से निपटा जा सके। सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकट का असर हर देश पर पड़ता है। ऐसे में संतुलित नीति और समय पर फैसले बेहद जरूरी होते हैं।

Related Articles

Back to top button