
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त रिज़र्व और उसकी लगातार आपूर्ति के लिए मजबूत इंतज़ाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत किया है और इसके लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व और रिफाइनिंग कैपेसिटी का विस्तार
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में, हमने स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व को 53 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने का काम किया है।” इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी में भी इस दौरान काफी वृद्धि हुई है। हमारे पास कच्चे तेल का काफ़ी स्टोरेज और लगातार सप्लाई के इंतज़ाम हैं।
होर्मुज स्ट्रेट के महत्व पर ज़ोर
प्रधानमंत्री ने होर्मुज स्ट्रेट के महत्व पर भी ज़ोर दिया, जो ग्लोबल ट्रेड के प्रमुख रास्तों में से एक है, विशेषकर क्रूड ऑयल, गैस और फर्टिलाइज़र के ट्रांसपोर्ट के लिए। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि जहां भी हो सके, तेल और गैस की सप्लाई भारत तक पहुंचे। इस दिशा में हमारी कोशिशें आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगी।”
एनर्जी इंपोर्ट में विविधता लाना
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत ने अपने एनर्जी इंपोर्ट स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है। “अब हम एक ही स्रोत पर निर्भर नहीं रहते, और हम घरेलू गैस सप्लाई में LPG और PNG पर भी फोकस कर रहे हैं,।
अंतरराष्ट्रीय संकट के असर से निपटने के प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चल रहे संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, जिससे कई देशों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि भारत पर इसका असर कम से कम पड़े। “हमने बुआई के मौसम में किसानों को सही फर्टिलाइज़र की उपलब्धता पक्का करने के लिए सभी ज़रूरी तैयारी कर ली है।
कृषि और किसानों के लिए तैयारी
प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस बात का ध्यान रख रही है कि फर्टिलाइज़र की सही आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और कोई भी संकट किसानों पर न पड़े। “मुझे पूरा भरोसा है कि मिलकर की गई कोशिशों से हम हालात का बेहतर तरीके से सामना कर पाएंगे।









