महाराष्ट्र में ‘गॉडमैन’ कांड से मचा सियासी भूचाल, रेप-ठगी के आरोपों ने खोली सत्ता की परतें

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने 20 मार्च को इस्तीफा दे दिया।

महाराष्ट्र में एक तथाकथित ‘गॉडमैन’ अशोक खरात की गिरफ्तारी ने राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। नासिक से जुड़े इस मामले में रेप, छेड़छाड़ और ठगी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच के दौरान खरात के कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कई राजनेता, अफसर और पुलिस अधिकारी तक जुड़े होने की बात सामने आ रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने महायुति गठबंधन के भीतर भी खींचतान को उजागर कर दिया है।

मार्च के मध्य में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें आरोपी महिला भक्त के साथ आपत्तिजनक हरकत करते दिखाई दिया। इसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया और पुलिस ने जांच तेज कर दी।

महिला आयोग अध्यक्ष का इस्तीफा
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने 20 मार्च को इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर उनके आरोपी के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

सूत्रों का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कहने पर पद छोड़ा। इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस स्कैंडल का इस्तेमाल फडणवीस की BJP और उसके गठबंधन सहयोगी एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट के बीच चल रही दुश्मनी में एक टूल के तौर पर किया जा रहा है।

इसी के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने खुद को भगवान कहने वाले अशोक खराट के खिलाफ आठ FIR दर्ज की हैं.अशोक खरात के यौन शोषण वाले वीडियो मार्च के बीच में वायरल हुए थे, जिसके बाद SIT जांच हुई और 18 मार्च को नासिक में उनकी गिरफ्तारी हुई।

पुलिस ने 13 मार्च को SIT का गठन किया और 18 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कई महिलाओं का शोषण किया और उनके वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता था। एक पूर्व कर्मचारी ने 100 से ज्यादा वीडियो सबूत के तौर पर सौंपे हैं।

जांच में आरोपी की कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं, जबकि सरकार ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

ब्लैक मैजिक और अजीब आरोपों से सनसनी

मामले में ब्लैक मैजिक और कथित अनुष्ठानों से जुड़े सनसनीखेज आरोप भी सामने आए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

20 साल से चल रहा था नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पिछले दो दशकों से सक्रिय था और उसने राजनीतिक संरक्षण के दम पर अपना नेटवर्क मजबूत किया। अब जांच जमीन सौदों, पोस्टिंग और फंडिंग तक पहुंच गई है।

कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति, सत्ता और सिस्टम की गहराई तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में इस केस से और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Related Articles

Back to top button