
पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल था, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
सीएम योगी ने कहा कि पहले यूपी में “जय श्री राम” बोलने पर लोगों को प्रताड़ित किया जाता था और कानून व्यवस्था बेहद खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की सरकारों में तुष्टिकरण की राजनीति चरम पर थी और कई इलाकों में अराजकता का माहौल रहता था।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश “नो कर्फ्यू, नो दंगा” की स्थिति में पहुंच चुका है और राज्य पूरी तरह से शांति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यूपी अब माफिया और गुंडा मुक्त राज्य बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सख्त नीति के कारण अपराधियों पर कार्रवाई हुई है और “बुलडोजर मॉडल” के जरिए माफिया की कमर तोड़ी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी सख्ती के चलते राज्य में बड़े पैमाने पर विकास कार्य संभव हो पाए हैं, जिसमें एक्सप्रेस-वे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शामिल हैं।
सीएम योगी ने कहा कि पहले शुक्रवार को जुमे के दौरान कई जगह सड़कें जाम हो जाती थीं और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की अव्यवस्था या सड़क पर नमाज जैसी स्थिति नहीं देखने को मिलती है और धार्मिक गतिविधियां निर्धारित स्थानों तक ही सीमित रहती हैं।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में तुष्टिकरण की राजनीति हावी थी, लेकिन वर्तमान सरकार “विकास और सुरक्षा” के मॉडल पर काम कर रही है।
यह बयान पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल के बीच काफी चर्चा में आ गया है।









