ऊर्जा, कंप्यूट और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से बनेगा भारत का भविष्य…गौतम अदाणी का बड़ा संदेश

मार्च 2026 तक भारत ने 500 गीगावाट पावर क्षमता पार कर ली है और 2047 तक इसे 2,000 गीगावाट तक ले जाने की योजना है।

नई दिल्ली – अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 11 मई 2026 को CII वार्षिक बिजनेस समिट में कहा कि 21वीं सदी में वास्तविक स्वतंत्रता का अर्थ होगा – अपनी ऊर्जा, अपनी इंटेलिजेंस और अपनी तकनीकी क्षमता पर नियंत्रण रखना।

• उन्होंने बताया कि दुनिया अब “फ्लैट” नहीं बल्कि “फ्रैक्चर्ड” हो गई है, जहाँ सप्लाई चेन, ऊर्जा और डेटा अब राष्ट्रीय सुरक्षा के अहम हिस्से बन गए हैं।
• अदाणी ने कहा, “जो देश अपनी ऊर्जा को नियंत्रित करेगा, वह अपने औद्योगिक भविष्य को आकार देगा। जो देश कंप्यूट और डेटा पर नियंत्रण रखेगा, वह अपने इंटेलिजेंस भविष्य को आकार देगा। और जो देश दोनों पर नियंत्रण रखेगा, वह आने वाली सदी को तय करेगा।”

अदाणी ने अमेरिका और चीन के उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों देशों ने अपने-अपने तरीके से ऊर्जा और डिजिटल आत्मनिर्भरता हासिल की है। अमेरिका ने शेल, तेल और गैस क्रांति के जरिए ऊर्जा में प्रभुत्व बनाया, जबकि चीन ने कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा का संयोजन करके और AI पर राष्ट्रीय नियंत्रण सुनिश्चित कर अपने डिजिटल भविष्य की नींव रखी।

भारत का अवसर:
• अदाणी ने कहा कि भारत का फायदा यह है कि यहाँ की हर निर्माण परियोजना के लिए पहले से ही मांग मौजूद है – चाहे वह फैक्ट्रियां हों, वाहन हों, डिजिटल सेवा हो या छोटे व्यवसाय।
• मार्च 2026 तक भारत ने 500 गीगावाट पावर क्षमता पार कर ली है और 2047 तक इसे 2,000 गीगावाट तक ले जाने की योजना है।

AI को लेकर अदाणी का दृष्टिकोण:
• अदाणी ने कहा कि भारत को पश्चिमी दुनिया की तरह AI से डर नहीं मानना चाहिए। AI का उद्देश्य नौकरी छीनना नहीं, बल्कि उत्पादकता बढ़ाना, नए उद्योग और रोजगार सृजित करना और छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाना होना चाहिए।
• उन्होंने बताया कि AI की सफलता तीन स्तरों पर निर्भर करेगी –

  1. पावर लेयर: ऊर्जा के बिना कंप्यूट संभव नहीं।
  2. कंप्यूट लेयर: डेटा सेंटर्स, चिप्स, GPU, सर्वर और नेटवर्क – ये इंटेलिजेंस के कारखाने हैं।
  3. एप्लिकेशन लेयर: यह किसान, शिक्षक, डॉक्टर, छोटे व्यवसायों और नागरिकों तक AI को पहुँचाता है।

अदाणी ग्रुप का योगदान:
• गुजरात के खावड़ा में 30 गीगावाट का विश्व का सबसे बड़ा सिंगल-साइट रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट।
• भारत में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर कैंपस का निर्माण, Google और Microsoft के साथ साझेदारी।
• अदाणी फाउंडेशन के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और कम्युनिटी डेवलपमेंट के लिए 60,000 करोड़ रुपये की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता।

अदाणी ने जोर देकर कहा, “भविष्य अपने आप नहीं आता, उसे बनाया जाता है। हमें किसानों, शिक्षकों, नर्सों, छोटे व्यवसायों और उन लाखों अदृश्य हाथों के लिए निर्माण करना होगा जो रोज़ भारत को आगे बढ़ाते हैं। अगली लड़ाई हमारी सीमाओं पर नहीं, बल्कि हमारे ग्रिड्स, डेटा सेंटर्स, फैक्ट्रियों, क्लासरूम और लैब्स में लड़ी जाएगी।”

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