Fake Vs Real : सावधान ! कहीं हल्दी फीका न कर दें आपका रंग, ऐसे कर लें असली और नकली की पहचान

भारतीय संस्कृति में हल्दी का स्थान केवल एक मसाले तक सीमित नहीं है; यह शुभता का प्रतीक, स्वाद का आधार और आयुर्वेद का अनमोल रत्न है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि...

भारतीय संस्कृति में हल्दी का स्थान केवल एक मसाले तक सीमित नहीं है; यह शुभता का प्रतीक, स्वाद का आधार और आयुर्वेद का अनमोल रत्न है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस हल्दी को आप ‘सेहत का वरदान’ मानकर इस्तेमाल कर रहे हैं, वह आपके लिए ‘धीमा ज़हर’ भी साबित हो सकती है? मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए हादसों ने, जहाँ हल्दी लगने के बाद दूल्हा-दुल्हन को गंभीर हालत में अस्पताल पहुँचना पड़ा, मिलावट के इस काले कारोबार की पोल खोल दी है।

चमक के पीछे छिपा खतरनाक खेल

हल्दी को आकर्षक और गहरा पीला दिखाने के लिए मिलावटखोर इसमें मेटानिल येलो और लेड क्रोमेट जैसे कैंसरकारी रंगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वजन बढ़ाने के लिए इसमें चॉक पाउडर, जंगली हल्दी की जड़ें और खराब गुणवत्ता वाले कच्चे माल धड़ल्ले से मिलाए जा रहे हैं।

घर पर ही करें ‘शुद्धता का अग्नि-परीक्षण’

बाजार से लाई गई हल्दी शुद्ध है या नहीं, इसे आप रसोई में ही इन 3 आसान तरीकों से जाँच सकते हैं:

  1. वॉटर टेस्ट (पानी की जांच): एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच हल्दी डालें और उसे बिना हिलाए छोड़ दें। यदि हल्दी तली में बैठ जाए और पानी ऊपर से हल्का पीला व साफ रहे, तो हल्दी शुद्ध है। लेकिन अगर पानी गहरा पीला हो जाए और पाउडर घुलने लगे, तो समझ लें कि इसमें मिलावट है।
  2. हथेली पर रगड़ना: एक चुटकी हल्दी अपनी हथेली पर रखें और अंगूठे से 10-15 सेकंड तक रगड़ें। असली हल्दी हथेली पर एक स्थिर हल्का पीला दाग छोड़ेगी। अगर रंग बहुत गाढ़ा, अप्राकृतिक या तुरंत मिटने वाला लगे, तो यह कृत्रिम रंगों की मिलावट हो सकती है।
  3. एसिड टेस्ट (केमिकल जांच): मेटानिल येलो की जांच के लिए थोड़ी हल्दी में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूंदें डालें। यदि घोल का रंग गुलाबी हो जाता है, तो यह मेटानिल येलो की मौजूदगी का संकेत है। यह केमिकल फूड पॉइजनिंग और पेट की गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बनता है।

चॉक पाउडर की पहचान कैसे करें?

हल्दी में पानी और एसिड मिलाने पर अगर बुलबुले (Bubbles) उठने लगें, तो यह साफ संकेत है कि उसमें चॉक पाउडर मिलाया गया है। ऐसी हल्दी का लंबे समय तक सेवन आपके गुर्दों (किडनी) और पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मसालों की शुद्धता पर ध्यान देना अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में थोक में हल्दी खरीदते समय अधिक सावधानी बरतें। हमेशा भरोसेमंद ब्रांड ही चुनें या फिर साबुत हल्दी की गांठें लेकर खुद पिसवाने को प्राथमिकता दें।

Related Articles

Back to top button