
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले में कथित ‘जिम जिहाद’ और महिलाओं के साथ धोखाधड़ी के मामले में लिप्त आरोपियों के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कानूनी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख और निर्देशों के बाद, पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी मौलवी और जिम ट्रेनर सहित कुल 10 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बता दें, पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के केंद्र में मुख्य रूप से मौलवी खलीलु रहमान और जिम ट्रेनर इमरान खान शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि महिलाओं से जुड़े किसी भी अपराध और उनके खिलाफ रची जा रही साजिशों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कदम उठाया गया है, ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके।
संगठित गिरोह चलाकर महिलाओं को निशाना बनाने का आरोप
मिर्जापुर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, इन सभी आरोपियों पर एक संगठित आपराधिक गिरोह (Organized Crime Gang) चलाने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाने और उन्हें निशाना बनाने का काम कर रहा था। इस पूरे मामले के सामाजिक और धार्मिक पहलुओं को देखते हुए पुलिस की स्पेशल टीमें गहराई से जांच कर रही हैं।
सभी आरोपियों पर लागू होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेश के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के सभी 10 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट लग गया है। इस कानून के लागू होने के बाद अब पुलिस को आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों पर एक्शन लेगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य असामाजिक तत्वों और अपराधियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।









