‘रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त’: पीएम मोदी का इटली में ऐतिहासिक स्वागत, मेलोनी ने शेयर कीं तस्वीरें

रोम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (19 मई, 2026) को अपने पाँच देशों के व्यापक दौरे के अंतिम पड़ाव पर इटली की राजधानी रोम पहुँचे। यह पीएम मोदी का इटली का पहला आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा है, जो इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के विशेष आमंत्रण पर हो रहा है। रोम हवाई अड्डे पर इटली के उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी ने उनकी अगवानी की।

प्रधानमंत्री के आगमन पर स्थानीय भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पीएम मोदी ने रोम में प्रवासी भारतीयों से भेंट कर उनसे बातचीत भी की।

मेलोनी का गर्मजोशी भरा संदेश

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पीएम मोदी के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त।” यह संदेश दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत सौहार्द और द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

पीएम मोदी ने बताया दौरे का उद्देश्य

प्रधानमंत्री मोदी ने भी ‘X’ पर अपनी यात्रा की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “मैं इटली के रोम शहर में लैंड कर चुका हूँ। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला और प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात करूँगा और उनसे चर्चा करूँगा।” उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-इटली सहयोग को नई गति देना है, जिसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर विशेष फोकस रहेगा। इसके अतिरिक्त, संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है। पीएम खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे और बहुपक्षवाद तथा वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराएँगे।

भारत-इटली: मजबूत होते रणनीतिक संबंध

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत और इटली के बीच संबंध उल्लेखनीय रूप से प्रगाढ़ हुए हैं। दोनों देश संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 को सक्रियता से आगे बढ़ा रहे हैं, जो रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग का व्यापक ढाँचा प्रदान करती है। वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, जबकि इटली से भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 3.66 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को एक नए अध्याय में ले जाने वाली मानी जा रही है।

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