मुजफ्फरनगर में नशे के सौदागरों पर पुलिस का हंटर, 1 करोड़ के 11 लाख से अधिक नशीले कैप्सूल बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार…

मुजफ्फरनगर की खालापार पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ रुपये के 11,66,400 नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। अश्वनी, विनोद और यशपाल गिरफ्तार।

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और ड्रग माफियाओं के खिलाफ आज सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की है। खालापार थाना पुलिस ने एक सुनियोजित घेराबंदी करते हुए नशे के अंतरराष्ट्रीय/अंतरराज्यीय काले साम्राज्य का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से करीब 1 करोड़ रुपये की कीमत के भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं, जिन्हें देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करने की तैयारी थी। इस बड़ी कामयाबी के साथ पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य सौदागरों को भी रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, बरामद की गई खेप में नशीली दवाओं के कुल 32 बड़े कार्टून शामिल हैं। जब इन कार्टूनों को खोलकर गिना गया, तो पुलिस के भी होश उड़ गए; इनके भीतर से कुल 11,66,400 (ग्यारह लाख छियासठ हजार चार सौ) नशीले कैप्सूल बरामद हुए। बाजार में इस अवैध खेप की कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।

खालापार पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान जिन तीन शातिर नशीली दवाओं के सौदागरों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अश्वनी, विनोद और यशपाल के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी इस गिरोह के मुख्य सिंडिकेट का हिस्सा हैं। पुलिस ने तस्करों के पास से तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली एक कार भी जब्त की है, जिसके जरिए ये लोग माल की डिलीवरी से पहले रेकी और ट्रांसपोर्टेशन का काम करते थे।

चार राज्यों में फैला था ‘मौत के कैप्सूल’ का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गिरोह उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और देश की राजधानी दिल्ली में इन ‘मौत के कैप्सूलों’ की बड़ी सप्लाई करता था। युवाओं को नशे के जाल में धकेलने वाले इस नेटवर्क के तार बहुत गहरे जुड़े हुए हैं।

मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन ने बताया कि नशे के इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस लगातार कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब तक कुल 9 शातिर नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे (जेल) भेजा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के कुछ अन्य मददगारों की भी पहचान की जा चुकी है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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