
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में ईंधन (फ्यूल) के दामों में हुई बढ़ोतरी का असर अब फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर दिखने लगा है। एलारा कैपिटल (Elara Capital) की एक होिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में ईंधन की कीमतों में लगभग Rs 4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 4 परसेंट तक बढ़ गए हैं। इससे ‘Eternal’ (Zomato) और ‘Swiggy’ जैसी दिग्गज कंपनियों पर आने वाले समय में डिलीवरी कॉस्ट (लागत) का दबाव बन सकता है, हालांकि कुल मिलाकर यह अभी नियंत्रण में रहने की उम्मीद है।
प्रति ऑर्डर कितना है डिलीवरी और फ्यूल का गणित?
रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, क्विक कॉमर्स के लिए औसत डिलीवरी कॉस्ट लगभग Rs 35-50 प्रति ऑर्डर और फूड डिलीवरी के लिए Rs 55-60 प्रति ऑर्डर आती है। यदि ब्लेंडेड बेसिस पर देखें, तो Eternal के लिए एवरेज डिलीवरी कॉस्ट लगभग Rs 45 और Swiggy के लिए लगभग Rs 55 प्रति ऑर्डर है। इसमें ईंधन की हिस्सेदारी करीब 20 परसेंट होती है, जो प्रति ऑर्डर लगभग Rs 9-10 बैठती है। हालिया 4 परसेंट की मूल्य वृद्धि से हर ऑर्डर पर करीब Rs 0.44 का सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा।
Swiggy पर पड़ेगा ज्यादा असर, Eternal मजबूत स्थिति में
एलारा कैपिटल ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले महीनों में ईंधन के दाम Rs 4 से बढ़कर Rs 10 प्रति लीटर तक पहुंच जाते हैं, तो हर ऑर्डर पर यह बोझ Rs 1 से Rs 1.2 तक बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में, वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) के अनुमानित एडजस्टेड एबिटडा (EBITDA) पर Eternal को 4-5 परसेंट और Swiggy को लगभग 10-12 परसेंट का नुकसान उठाना पड़ सकता है। स्विगी पर इसका असर इसलिए ज्यादा होगा क्योंकि वह अभी क्विक कॉमर्स में ब्रेक-ईवन की कोशिश कर रही है, जबकि Eternal अपने बड़े स्केल, मजबूत एडवरटाइजिंग रेवेन्यू और प्रीमियम कस्टमर बेस के कारण इस लागत को आसानी से रिकवर करने की स्थिति में है। FY27 में Eternal द्वारा 2.7 बिलियन और स्विगी द्वारा 1.4 बिलियन ऑर्डर हैंडल करने की उम्मीद है, जिसका अतिरिक्त बोझ कुछ हद तक ग्राहकों पर डाला जा सकता है।









