
नई दिल्ली/चेन्नई: पूर्व भारतीय लेग स्पिनर और दिग्गज कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने क्रिकेट कमेंट्री इंडस्ट्री और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के ब्रॉडकास्टिंग प्रबंधन को लेकर एक और बेहद चौंकाने वाला और दर्दनाक खुलासा किया है। कुछ समय पहले कमेंट्री के दौरान नस्लभेद (रंगभेद) का शिकार होने की बात कहने वाले शिवरामाकृष्णन ने अब अपने पारिवारिक शोक के समय प्रशासनिक संवेदनहीनता की एक ऐसी कहानी बयां की है, जिसने क्रिकेट फैंस को झकझोर कर रख दिया है।
My Elder brother passed away a few years earlier. We finished Cremation in the evening ,minutes after that,The Director Broadcasting of BCCI called me and said now that the cremation is over, can you take a flight the next morning to commentate on Ind v Aus Test in Mohali,I went
— Laxman Sivaramakrishnan (@LaxmanSivarama1) May 21, 2026
दाह संस्कार के कुछ मिनटों बाद ही मोहाली आने का फरमान
लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर इस कड़वे अनुभव को साझा करते हुए लिखा, “कुछ साल पहले मेरे बड़े भाई का देहांत हो गया था। हमने शाम को उनका दाह संस्कार किया और इसके कुछ ही मिनटों बाद बीसीसीआई के ब्रॉडकास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे फोन किया। उन्होंने मुझसे कहा कि अब जबकि दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो क्या तुम कल सुबह की फ्लाइट लेकर मोहाली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले टेस्ट मैच में कमेंट्री के लिए आ सकते हो?”
शोक भूलकर पहुंचे, मां के निधन पर भी हुआ बुरा बर्ताव
पूर्व क्रिकेटर ने आगे अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि वे अपने व्यक्तिगत दुख और शोक को पीछे छोड़कर कर्तव्य की राह पर आगे बढ़े और मोहाली गए। इतना ही नहीं, उन्होंने एक और दुखद घटना का जिक्र करते हुए बताया, “जब मैं पुणे में कमेंट्री कर रहा था, तब मेरी मां का देहांत हो गया था। उस समय भी मेरे साथ जो सबसे बुरा बर्ताव हो सकता था, वो हुआ।”
इसी संवेदनहीनता के कारण लिया कमेंट्री से संन्यास
शिवरामाकृष्णन ने साफ तौर पर कहा कि वह ब्रॉडकास्टिंग डायरेक्टर आज भी सिस्टम में मौजूद है और उसी के रवैये व प्रताड़ना की वजह से उन्होंने आखिरकार कमेंट्री से संन्यास ले लिया। गौरतलब है कि उन्होंने आईपीएल (IPL 2026) की शुरुआत से ठीक पहले मार्च में कमेंट्री को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। संन्यास के समय भी उन्होंने इंडस्ट्री में रंगभेद का शिकार होने और नए लोगों द्वारा उनका काम जबरन हड़प लिए जाने का गंभीर आरोप लगाया था।









