वॉशिंगटन और तेहरान के बीच ‘सीजफायर’ की इनडायरेक्ट चर्चा, अरब सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात,ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका (US) और ईरान के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच एक तरफ जहाँ बैकचैनल डिप्लोमेसी (परदे के पीछे की कूटनीति) के जरिए ‘सीजफायर फ्रेमवर्क’ पर जोरदार इनडायरेक्ट चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी तरफ युद्ध की तैयारियां भी चरम पर हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ कर दिया है कि अगर सैन्य कार्रवाई के लिए बुलाया जाता है, तो उसका घातक ‘अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ पूरी तरह से तैयार है। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अरब सागर में तैनात एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (CVN 72) से लॉन्च हो रहे फाइटर जेट्स की तस्वीरें साझा कर अपनी युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया है।

ईरानी पोर्ट्स की नाकाबंदी और पाकिस्तान की मध्यस्थता
यूएस सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि वह ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना जारी रखे हुए है। यह कदम वॉशिंगटन ने तेहरान द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण करने के बाद उठाया था। इस बीच, ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी और अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश एक संभावित समझौते का फ्रेमवर्क बनाने के लिए मैसेजेस और ड्राफ्ट टेक्स्ट का आदान-प्रदान कर रहे हैं। ईरान के एक शीर्ष अधिकारी का दावा है कि दोनों पक्ष समझौते के “बेहद करीब” हैं। इस संकट के बीच, स्थिति को संभालने और बीच-बचाव की कोशिशों के तहत पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी फिलहाल ईरान के दौरे पर हैं।

यूरेनियम पर अड़े ट्रंप, खामेनेई का दोटूक इनकार
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान की परमाणु (न्यूक्लियर) क्षमताओं को पूरी तरह बेअसर करने पर अड़े हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के पास वर्तमान में करीब 900 पाउंड अत्यधिक संवर्धित (Enriched) यूरेनियम का स्टॉक है, जिसे रिफाइन करके परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। ट्रंप इस स्टॉक को वापस पाने या नष्ट करने की मिलिट्री और डिप्लोमैटिक रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि, रॉयटर्स के सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी मांग को सिरे से खारिज करते हुए आदेश जारी किया है कि संवर्धित यूरेनियम का यह स्टॉक किसी भी कीमत पर देश से बाहर नहीं जाना चाहिए।

मिसाइल डिफेंस की कमी से जूझ रहा अमेरिका
द वाशिंगटन पोस्ट के एक खुलासे ने इस तनाव में नया मोड़ ला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजरायल की रक्षा के लिए अपने एडवांस्ड मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर का एक बड़ा स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है या बेच दिया है। ऐसे में अमेरिका के लिए सीधे युद्ध में उतरना रणनीतिक रूप से एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

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