
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट साझा कर उत्तर प्रदेश समेत देश की सियासत में नया भूचाल ला दिया है। अखिलेश यादव ने ‘अदृश्य शस्त्रों’ का जिक्र करते हुए भाजपा और उनके सहयोगी संगठनों पर निशाना साधा है। उन्होंने वकीलों और जनता की जिज्ञासा के बहाने संपत्तियों की वैधता, चंदे के खेल, बेनामी संपत्तियों और उनके इतिहास को लेकर 10 बेहद तल्ख सवाल पूछे हैं।
सपा सुप्रीमो ने अपने पोस्ट की शुरुआत में लिखा, “असली शस्त्र के तो लाइसेंस बनते हैं लेकिन कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं।”
‘लगे हाथों जांच ली जाए कागजों और नक्शों की वैधता’
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में चल रहे ‘बुलडोजर एक्शन’ और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में तंज कसते हुए लिखा कि वकील अब मांग कर रहे हैं कि लगे हाथों भाजपाइयों के घर, दुकान, कार्यालय और प्रतिष्ठानों के कागज-नक्शे मंगाकर उनकी भी वैधता की जांच की जानी चाहिए।
चंदे और बेनामी संपत्तियों पर उठाए गंभीर सवाल
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में मुख्य रूप से वित्तीय पारदर्शिता को लेकर घेरा है। उन्होंने जनता और वकीलों के हवाले से लिखा –
- चंदे का ऑडिट: भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा निर्माणों, आयोजनों व आपदाओं के नाम पर ‘जगह-जगह’ से बटोरे गए ‘तरह-तरह’ के चंदे-फंड का हिसाब मांगा जाए और उनका ऑडिट हो।
- बेनामी संपत्तियां: जनता पूछ रही है कि ‘अनरजिस्टर्ड’ लोग जमीन किसके नाम से लेकर अपना निर्माण करते हैं और ये संपत्तियां बेनामी की श्रेणी में क्यों नहीं आतीं? इसका कानूनी पहलू समझाया जाए।
- कार्यालय या अड्डा?: गुप्त गतिविधियों में संलिप्त भाजपाइयों के ऐसे निर्माणों को ‘कार्यालय’ कहा जाए या ‘अड्डा’?
खर्च, इतिहास और ‘मुखबिरी’ को लेकर तीखा तंज
सपा अध्यक्ष ने संगठनों के वित्तीय स्रोतों और उनके इतिहास पर सवाल उठाते हुए सीधे तौर पर ‘वैचारिक निष्ठा’ को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा:
- इन अवैध लोगों का ‘खर्चा-पानी’ कौन उठाता है? इसका कच्चा चिट्ठा तलाशकर खोला जाना चाहिए।
- ये तथाकथित स्वदेशी लोग आखिर विदेश भ्रमण करने क्यों जाते हैं?
- ये औपनिवेशिक (अंग्रेजों के) समय से किसकी कठपुतली बने हुए हैं?
- इन ‘संगी-साथियों’ का इतिहास हमेशा मुखबिरी का क्यों रहा है और ये सामाजिक सौहार्द क्यों बिगाड़ते हैं?
‘मानस के मान’ पर लाठियां चलवाने का आरोप
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के अंत में एक हालिया विवाद की ओर इशारा करते हुए गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “वकील ये भी पूछ रहे हैं कि अब ये ‘संगी-साथी’ किस नई साजिश के तहत ‘मानस के मान’ पर लाठियां चलवा रहे हैं?”
सियासी गलियारों में हलचल तेज
अखिलेश यादव के इस एक्स (X) पोस्ट के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज होना तय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा प्रमुख ने इस पोस्ट के जरिए सीधे तौर पर संघ परिवार की कार्यप्रणाली, उनकी संपत्तियों और उनके राष्ट्रवाद के दावों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अब देखना यह है कि भारतीय जनता पार्टी इस पर क्या पलटवार करती है।









