‘आसमान ही सीमा है’, साइप्रस राष्ट्रपति ने भारत दौरे को बताया ऐतिहासिक, स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर जोर…

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स का भारत दौरा ऐतिहासिक रहा। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाते हुए रक्षा रोडमैप और 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने रविवार को अपने ऐतिहासिक भारत दौरे की प्रमुख उपलब्धियों को साझा करते हुए नई दिल्ली और निकोसिया के बीच गहराते द्विपक्षीय संबंधों की जमकर सराहना की। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि दोनों देशों के बीच की यह साझीदारी सुरक्षा, रक्षा और आर्थिक कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पहले से ही बेहद सक्रियता के साथ काम कर रही है।

भारत दौरे की यादें और भविष्य का खाका साझा करते हुए साइप्रस के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा

“जो कभी महज एक विज़न (सोच) के रूप में शुरू हुआ था, वह अब एक ठोस रणनीतिक साझेदारी (स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप) में तब्दील हो चुका है। एक ऐसी साझीदारी जो सुरक्षा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, समुद्री सहयोग और आर्थिक कनेक्टिविटी जैसे अहम क्षेत्रों में धरातल पर ठोस नतीजे दे रही है। हमारे इस रिश्ते के लिए आसमान ही सीमा है!”

रणनीतिक साझेदारी के नए युग की शुरुआत, 6 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और साइप्रस ने आपसी संबंधों को एक ऐतिहासिक ऊंचाई देते हुए इसे ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर पहुंचा दिया है। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और प्रगाढ़ करने के लिए साल 2026-2031 तक का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच साइबर सिक्योरिटी डायलॉग और एक कॉन्सुलर डायलॉग शुरू करने पर भी सहमति बनी है।

राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स की इस यात्रा के दौरान कुल छह महत्वपूर्ण समझौतों और सहमति पत्रों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरे की प्रमुख घोषणाओं में शामिल हैं।

  • साइप्रस का “व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री परिवहन” स्तंभ के तहत ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ में शामिल होना।
  • भारत द्वारा निकोसिया को ‘भीष्म’ (BHISM – भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री) क्यूब अस्पताल उपहार में देना।
  • आर्थिक संबंधों को नई गति देने के लिए साइप्रस द्वारा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक नया ‘साइप्रस ट्रेड सेंटर’ खोलने की घोषणा।

इसके अलावा, साइप्रस के राष्ट्रपति ने ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) को एक दूरदर्शी पहल बताते हुए इसका पुरजोर समर्थन किया और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच मजबूत होते रिश्तों की सराहना की।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू से हुई सार्थक बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस के साथ वार्ता को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि हमारी दोस्ती साझा मूल्यों पर आधारित एक मजबूत और भविष्योन्मुखी साझीदारी है। दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), ऊर्जा, कृषि, प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवाओं में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और जन-के-जन (पीपुल-टू-पीपुल) संबंधों को बढ़ाना इस दोस्ती का मुख्य आधार रहेगा।

वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने साइप्रस के राष्ट्रपति के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में एक राजकीय भोज (दावत) का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यूरोपीय संघ परिषद की अपनी आगामी अध्यक्षता के दौरान साइप्रस भारत और यूरोप के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, विशेषकर भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के पूरा होने के बाद। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साइप्रस के रुख की सराहना की और साइप्रस की संप्रभुता, एकता व क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत के अटूट समर्थन को दोहराया।

साल 2027 में भारत और साइप्रस अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स का यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग को एक नई रफ्तार और नई दिशा देने वाला साबित होगा।

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