माल्या-नीरव मोदी केस के लीड इन्वेस्टिगेटर सत्यब्रत कुमार ने लिया VRS,12 साल तक ED में दी थीं सेवाएं

नई दिल्ली/कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर और देश के कई सबसे हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के लीड इन्वेस्टिगेटर (मुख्य जांचकर्ता) रहे सत्यब्रत कुमार ने सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। केंद्र सरकार ने उनके वीआरएस के आवेदन को मंजूरी दे दी है और इस महीने की शुरुआत में इसके औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

ED में सबसे लंबे समय तक सेवाएं देने वाले अधिकारी
कस्टम्स एंड इनडायरेक्ट टैक्सेस कैडर के 2004 बैच के इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) ऑफिसर सत्यब्रत कुमार ने ईडी में लगभग 12 साल तक काम किया। इसके साथ ही वह इस केंद्रीय एजेंसी में डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर सबसे लंबे समय तक काम करने वाले अधिकारियों में से एक बन गए थे। ठीक एक साल पहले ईडी से उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद, उन्हें पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कमिश्नर (अपील्स) के तौर पर पोस्ट किया गया था।

2037 में होना था रिटायरमेंट, निजी कारणों से छोड़ी नौकरी
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, 48 वर्षीय सत्यब्रत कुमार की सरकारी सेवा में अभी लगभग 11 साल बाकी थे और वह साल 2037 में 60 वर्ष की उम्र में सुपरएनुएशन (अधिवर्षता आयु) पर रिटायर होने वाले थे। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि कुमार ने अपने कुछ बेहद निजी कामों और कारणों के चलते इस सेवा को समय से पहले ही छोड़ने का फैसला किया है।

नीरव मोदी, माल्या से लेकर महादेव ऐप तक की जांच
सत्यब्रत कुमार ने ईडी के मुंबई स्थित वेस्टर्न रीजनल ऑफिस के प्रमुख के तौर पर कई बड़े और संवेदनशील मामलों की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में ही ये प्रमुख जांचें की गईं:

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी: हीरा व्यापारियों के खिलाफ करीब 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कथित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) फ्रॉड केस की जांच की। इस दौरान करोड़ों रुपये की विदेशी संपत्तियों को अटैच करने में उनकी मुख्य भूमिका रही।

विजय माल्या: भगोड़े शराब कारोबारी के खिलाफ बैंक लोन फ्रॉड मामले की जांच को आगे बढ़ाया।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप: इस बड़े घोटाले की जांच भी उनके अंडर हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के कई राजनेताओं और बड़े बिजनेसमैन के लिंक सामने आए थे। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र के कई राजनेताओं से जुड़े संवेदनशील मामलों को भी संभाला था।

एक साल के भीतर दूसरा बड़ा इस्तीफा
सत्यब्रत कुमार का वीआरएस लेना बीते एक साल के भीतर दूसरी ऐसी घटना है, जब ईडी से हटने के तुरंत बाद किसी वरिष्ठ अधिकारी ने सरकारी नौकरी को अलविदा कह दिया हो। इससे पहले, जुलाई 2025 में ईडी के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर कपिल राज (2009 बैच के आईआरएस अधिकारी) ने अपने तय रिटायरमेंट से 15 साल पहले नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। कपिल राज ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी वाले मामलों की निगरानी की थी।

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