एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्ट होगी नोएडा-ग्रेटर नोएडा लिंक रोड , 5 लाख लोगों को मिलेगा फायदा, ट्रैफिक से मिलेगा छुटकारा

Noida-Greater Noida Link Road : नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफ़र करने वाले लाखों लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा लिंक रोड जल्द ही एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इसके जुड़ने के बाद, गाड़ी चलाने वालों को 16 किलोमीटर ज़्यादा सफ़र नहीं करना पड़ेगा और समय के साथ फ्यूल भी बचेगा। अधिकारियों के अनुसार, नोएडा के सेक्टर 146 और 147 से ग्रेटर नोएडा के LG चौक तक जाने वाली लिंक रोड को सीधे एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सेक्टर 146 में बन रहे अंडरपास से गाड़ियों को एक्सप्रेसवे पर सीधी एंट्री मिलेगी। इससे रोज़ाना आने-जाने वाले करीब 5 लाख लोगों को फायदा होने की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक, अभी दिल्ली और नोएडा एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा के कई इलाकों में जाने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है । नया सिस्टम लागू होने के बाद गाड़ियां लिंक रोड से 45 मीटर सड़क पार करके अंडरपास के जरिए एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगी। इससे परी चौक, एलजी चौक, कलेक्ट्रेट, सूरजपुर, सेक्टर गामा, बीटा, उद्योग विहार और गाजियाबाद की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन सड़क से 45 मीटर आगे लिंक रोड पार करके अंडरपास में घुसेंगे और वहां से दिल्ली की तरफ निकल सकेंगे। जो लोग ग्रेटर नोएडा, आगरा या लखनऊ जाना चाहते हैं, वे 45 मीटर सड़क पार करके सर्विस रोड से एक्सप्रेसवे पर पहुंचेंगे। अंडरपास का करीब 10 परसेंट काम अधूरा है। एक तरफ अभी सड़क नहीं बनी है, जबकि दूसरी तरफ काम लगातार चल रहा है।

जुलाई तक खुलने की तैयारी

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 145, 146, 155 और 159 को जोड़ने के लिए करीब 16.9 km इंटरचेंज पर एक अंडरपास बनाया जा रहा है। करीब 800 मीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर करीब 99.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, अंडरपास का ज़्यादातर काम पूरा हो चुका है और इसे जुलाई तक गाड़ियों के आने-जाने के लिए खोलने की तैयारी है। शुरुआत में, सड़क को जोड़ने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी बदलाव किए जाएंगे। अंडरपास का कंस्ट्रक्शन बॉक्स पुशिंग टेक्निक से किया जा रहा है, ताकि एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक पर असर डाले बिना कंस्ट्रक्शन का काम पूरा किया जा सके।

Related Articles

Back to top button