IT सेक्टर की कंपनियों के इन शेयरों में आई गिरावट, जाने क्या है वजह ?

Share Market : गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग की शुरुआत थोड़ी सुस्त रही। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने प्रॉफिट निकालना शुरू कर दिया, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला। ट्रेडिंग के शुरुआती घंटों में सेंसेक्स-निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में ट्रेड करते दिखे। खासकर IT सेक्टर के स्टॉक्स में बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ गया।

बता दे कि सुबह के कारोबार में BSE सेंसेक्स 73.87 पॉइंट या 0.10 परसेंट गिरकर 77,081.75 पर आ गया। वहीं, NSE निफ्टी 15.80 पॉइंट या 0.07 परसेंट फिसलकर 24,069.90 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, मार्केट में मजबूती बनी रही। करीब 1,621 स्टॉक्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 661 स्टॉक्स में गिरावट आई। 144 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।

IT स्टॉक्स ने बढ़ाया दबाव

मार्केट में गिरावट की सबसे बड़ी वजह IT सेक्टर है। बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखी गई। इंफोसिस के शेयरों में 2 परसेंट से ज़्यादा की गिरावट आई। इसके अलावा HCL Tech, TCS, Tech Mahindra और Wipro भी लाल निशान में ट्रेड करते दिख रहे हैं। इन्वेस्टर्स की प्रॉफिट लेने की कोशिश और ग्लोबल संकेतों की वजह से IT स्टॉक्स दबाव में बने हुए हैं।

जाने सेंसेक्स हीटमैप क्या कहता है ?

जैसा कि आप ऊपर सेंसेक्स हीटमैप में देख सकते हैं, आज मार्केट को नीचे खींचने में IT कंपनियों का सबसे बड़ा हाथ रहा है। IT की बड़ी कंपनी इंफोसिस (INFY) -2.15% की भारी गिरावट के साथ ₹1,133.25 पर ट्रेड कर रही है। इसके अलावा, दूसरी बड़ी IT कंपनियों HCL टेक (1.41% नीचे), TCS (-1.24%) और टेक महिंद्रा (-1.16%) के शेयर भी भारी दबाव में हैं।

चुनिंदा स्टॉक्स ने इंडेक्स को और गिरने से बचाया

मार्केट में इस सुस्ती के बावजूद, कुछ चुनिंदा स्टॉक्स ने इंडेक्स को और गिरने से बचाया। टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट (TRENT) आज 0.90% की शानदार बढ़त के साथ ₹3,129.55 पर टॉप गेनर रही। इसके साथ ही, डिफेंस सेक्टर में लगातार मजबूती के चलते भारत इलेक्ट्रॉनिक्स भी 0.83% उछलकर ₹423.30 पर पहुंच गया। इनके अलावा, अडानी पोर्ट्स (+0.73%), L&T (+0.72%), इंडिगो (+0.60%) और HDFC बैंक (+0.60%) के शेयर भी हरे निशान में रहने में कामयाब रहे।

डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ़ जानकारी के लिए है। इन्वेस्ट करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइज़र से ज़रूर सलाह लें।

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