
घर खरीदना आमतौर पर एक महंगा सपना माना जाता है, लेकिन इटली में एक ऐसी योजना चल रही है जिसके तहत महज 1 यूरो में घर खरीदा जा सकता है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 90 रुपये के बराबर है। यह योजना दुनियाभर के खरीदारों, निवेशकों और रिटायर हो चुके लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
क्यों शुरू की गई 1 यूरो होम स्कीम?
इस योजना के पीछे मुख्य कारण इटली के ग्रामीण इलाकों में लगातार घटती आबादी है। पिछले कुछ दशकों में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में छोटे कस्बों और गांवों से निकलकर बड़े शहरों की ओर चले गए। इसके चलते कई गांव लगभग खाली हो गए हैं और वहां मौजूद सैकड़ों मकान वर्षों से खाली पड़े हैं। इन्हीं क्षेत्रों में दोबारा जीवन और गतिविधियां लौटाने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन ने यह पहल शुरू की है।
किन इलाकों में मिल रहे हैं ये घर?
1 यूरो में उपलब्ध अधिकांश घर इटली के ग्रामीण और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर क्षेत्रों में स्थित हैं। सिसली इस योजना का सबसे चर्चित केंद्र बन चुका है। यहां मुसोमेली, सम्बुका और ट्रोइना जैसे कस्बों में कम कीमत पर कई मकान उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके अलावा सार्डिनिया के कई गांव भी इस योजना का हिस्सा हैं। यहां खरीदारों को पहाड़ियों और समुद्री तटों के नजदीक घर खरीदने का अवसर मिल सकता है। वहीं अब्रूजो और कैलाब्रिया जैसे इलाके भी इस पहल में शामिल हैं, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाने जाते हैं।
घर खरीदने के लिए पूरी करनी होंगी शर्तें
हालांकि घर की कीमत सिर्फ 1 यूरो रखी गई है, लेकिन खरीदारों को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। आमतौर पर आवेदकों को यह बताना होता है कि वे संपत्ति का नवीनीकरण किस प्रकार करेंगे। योजना में शामिल अधिकांश मकान पुराने हैं और उन्हें रहने योग्य बनाने के लिए मरम्मत की आवश्यकता होती है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देना होगा
खरीद प्रक्रिया पूरी करने से पहले खरीदारों को सिक्योरिटी डिपॉजिट या बैंक गारंटी जमा करनी होती है। नगर पालिका के अनुसार यह राशि आमतौर पर 1,000 से 5,000 यूरो के बीच हो सकती है। यह राशि इस बात की गारंटी होती है कि खरीदार तय समय में मरम्मत कार्य पूरा करेगा।
दूसरे देशों में भी हैं ऐसी योजनाएं
इटली के अलावा जापान में भी लंबे समय से खाली पड़े मकानों को बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इन घरों को ‘अकिया’ कहा जाता है। वहीं स्पेन के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कम आबादी वाले गांवों और संपत्तियों को कम कीमत पर खरीदने के अवसर उपलब्ध हैं।









