
केंद्र सरकार ने E20 पेट्रोल के साथ शुद्ध पेट्रोल या कम एथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन उपलब्ध कराने की मांग खारिज कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि देशभर में पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग ग्रेड शुद्ध पेट्रोल, E10 और E20 की समानांतर आपूर्ति व्यावहारिक नहीं है।
सरकार के मुताबिक इससे लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी और एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर वितरण व्यवस्था जटिल हो जाएगी। मंत्रालय ने दावा किया कि E20 ईंधन का ऑक्टेन स्तर अधिक है और इससे इंजन की कार्यक्षमता, पिकअप तथा दहन प्रक्रिया बेहतर होती है।
सरकार ने यह भी कहा कि एथेनॉल लगभग 72 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाता है, इसलिए फिलहाल E20 शुद्ध पेट्रोल से सस्ता नहीं है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की स्थिति में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल अपेक्षाकृत किफायती हो सकता है।
पुराने और गैर-E20 प्रमाणित वाहनों को नुकसान की आशंकाओं को भी सरकार ने खारिज करते हुए कहा कि व्यापक स्तर पर इंजन या फ्यूल लाइन खराब होने की शिकायतें सामने नहीं आई हैं। अप्रैल 2025 से देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल मानक ईंधन के रूप में लागू है।









