
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में सैकड़ों संस्थानों को सील किया गया, तो कहीं फायर ऑडिट के बाद नोटिस थमाए गए। कानपुर में तो कार्रवाई का दायरा विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई के भवन तक पहुंच गया।
बिजनौर में संचालक की बात सुन भड़के अधिकारी
बिजनौर के नगीना में जब प्रशासन की टीम एक कोचिंग सेंटर का निरीक्षण करने पहुंची और पूछा कि आग लगने पर क्या करेंगे, तो संचालक ने मुस्कुराते हुए खिड़की की ओर इशारा कर कहा, यहां से कूदकर निकल जाएंगे। यह सुनते ही अधिकारी बिफर पड़े और तुरंत उस लाइब्रेरी को सील करने का आदेश दे दिया। जिले में कुल पांच कोचिंग सेंटर और एक लाइब्रेरी को सील किया गया।
अलीगढ़, मेरठ और बागपत में बड़ी कार्रवाई
अलीगढ़ में 15 अवैध कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया, जबकि 11 संचालक प्रशासन की कार्रवाई की भनक लगते ही सेंटर पर ताला लगाकर फरार हो गए। जिले में महज दो दिनों के भीतर 26 कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। मेरठ में 10 कोचिंग सेंटरों को अस्थायी रूप से बंद कर उन्हें सुरक्षा मानक पुख्ता करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि मेरठ में करीब 1500 कोचिंग सेंटर संचालित होते हैं। वहीं, बागपत में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 कोचिंग सेंटर, कंप्यूटर सेंटर और लाइब्रेरी को सील कर दिया गया।
अन्य जिलों का हाल
मुजफ्फरनगर में 10 कोचिंग सेंटर सील किए गए, जबकि शामली में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सहारनपुर में अधिकतर कोचिंग सेंटर प्रशासन के डर से बंद मिले। प्रयागराज में 25 कोचिंग संस्थानों का फायर ऑडिट किया गया, जिनमें से 10 में खामियां पाई गईं और उन्हें नोटिस जारी किया गया। देवरिया में तीन कोचिंग सेंटर सील किए गए। वाराणसी में 35 कोचिंग इंस्टीट्यूट और लाइब्रेरी को सील कर दिया गया, वहीं अग्निशमन विभाग ने 20 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया। मुरादाबाद में 13 कोचिंग सेंटर और तीन अस्पतालों को सील किया गया।
कानपुर में विधानसभा अध्यक्ष के भाई के भवन पर कार्रवाई
कानपुर में केडीए प्रवर्तन दस्ते ने बुधवार को जाजमऊ स्थित विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई बिट्टू महाना और मन्नू महाना के भवन में चल रही तीन कोचिंग और एक रेस्टोरेंट को सील कर दिया। नोटिस चस्पा करने के साथ ही वहां पेंट से सीलिंग की बात भी लिखवा दी गई। सूत्रों के अनुसार कुछ देर बाद सील खोलकर मोहलत दे दी गई, हालांकि बिट्टू महाना ने सीलिंग की पुष्टि तो की, लेकिन सील खोले जाने की जानकारी से इनकार कर दिया। लखनऊ अग्निकांड के बाद केडीए की टीमें शहरभर में बेसमेंट में चल रहे या मानकविहीन कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार सीलिंग की कार्रवाई कर रही हैं।









