हरदोई में तीन बच्चों के पिता ने प्रेमिका संग दी जान , एक ही साड़ी के फंदे से लटका मिला शव , जांच जारी

हरदोई में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां प्रेमी-प्रेमिका ने एक साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली और जान दे दी। दोनों के शव कमर के अंदर लटके मिले। प्रेमी शादीशुदा था, यह बात लड़की के घरवालों को पहले पता चली। वहीं, प्रेमी की पत्नी भी इससे नाराज थी और पति को छोड़कर अपने मायके में रह रही थी।

मंगलवार को प्रेमी अपनी प्रेमिका से मिलकर उसके घर चला गया। जहां प्रेमिका के घरवालों ने दोनों को पकड़ लिया। घरवालों ने प्रेमी को पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन समझौते के बाद पुलिस ने प्रेमी को छोड़ दिया।

प्रेमिका के साथ रहने की जिद पर अड़ा प्रेमी

दूसरे दिन फिर विवाद होने पर कछौना के लंगड़ेदास बाबा मंदिर परिसर में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में प्रेमी बार-बार अपनी प्रेमिका के साथ रहने की जिद पर अड़ा रहा। जिसके बाद तय हुआ कि दोनों साथ रहेंगे। इसके बाद प्रेमी प्रेमिका को अपने साथ घर ले गया।

बता दे कि पंचायत के फैसले के बाद प्रेमी की पत्नी भी अपने मायके लौट आई फिर उसने पंचायत के फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया।पत्नी का कहना था, वह कुंती को इस घर में कभी नहीं रहने देगी। इससे दुखी होकर शुक्रवार देर रात दोनों ने जान दे दी।

करीब ढाई साल से चल रहा था अफेयर

यह पूरा मामला हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र के चौरा गांव का है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रेमी का नाम श्रवण कुमार (35) और प्रेमिका का नाम कुंती (20) था। कुंती बेनीगंज के मंगतपुरवा की रहने वाली थी।श्रवण की शादी 9 साल पहले रीता से हुई थी। उसके 3 बच्चे भी हैं। श्रवण का कुंती से ढाई साल से अफेयर चल रहा था। श्रवण की बहन की शादी फत्तेपुर गांव में हुई थी। श्रवण का बहन के यहां आना-जाना था।

लगभग 4 महीने से मायका में रह रही थी पत्नी

इसी बीच श्रवण और गांव की कुंती का प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। दोनों के परिवारों को रिश्ते के बारे में पता था। लेकिन समझौते के बावजूद दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हो रहे थे। श्रवण की पत्नी भी 4 महीने से उससे अलग प्रयागराज में अपनी मां के घर रह रही थी।

मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद ASP सुबोध गौतम, CO प्रभा पटेल ने मामले की जांच की। ASP ने बताया कि दोनों ने आत्महत्या की है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। बता दें, श्रवण खेती करता था।

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