इंडोनेशिया पहुंचे PM मोदी, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने एयरपोर्ट पर किया भव्य स्वागत, 3 देशों की यात्रा का शानदार आगाज़…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंच गए हैं। जकार्ता एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंच गए हैं। पीएम मोदी का यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत बेहद अहम माना जा रहा है। जकार्ता एयरपोर्ट पर उतरते ही उनका स्वागत किसी सामान्य प्रोटोकॉल से कहीं अधिक भव्य तरीके से किया गया।

फाइटर जेट्स ने दी एस्कॉर्ट

पीएम मोदी का सम्मान उस समय और बढ़ गया जब उनके विमान के इंडोनेशियाई एयरस्पेस में दाखिल होते ही वहां की वायुसेना के फाइटर जेट्स ने उन्हें एस्कॉर्ट किया। यह इंडोनेशिया द्वारा भारत के साथ अपनी गहरी मित्रता और सम्मान प्रदर्शित करने का एक खास अंदाज था। एयरपोर्ट पर स्वयं इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा इस मायने में भी खास है कि राष्ट्रपति प्रबोवो, भारत के 26 जनवरी 2025 के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।

सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

जकार्ता पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने एक कल्चरल शो में भाग लिया। अपने आधिकारिक बयान में पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच दो हजार साल पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कमर्शियल संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनका यह दौरा ‘मल्टीफेसटेड पार्टनरशिप’ को और अधिक गहरा करेगा।

क्या है इस दौरे का एजेंडा?

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि वे इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय (इंडियन डायस्पोरा) से भी संवाद करेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ वे ऐतिहासिक ‘प्रम्बानन मंदिर कॉम्प्लेक्स’ का दौरा करेंगे, जो दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक इतिहास का जीवंत प्रमाण है।

इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी यात्रा के लिए रवाना होंगे। 1991 की ‘लुक ईस्ट’ नीति के बाद से भारत और इंडोनेशिया के बीच सुरक्षा, रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में जो तेजी आई है, यह यात्रा उसे एक नए रणनीतिक मोड़ पर ले जाने वाली है।

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