
बिहार के किशनगंज के विशनपुर थाना इलाके में रिजवान आलम की हत्या के मामले में पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा किया है। पति की हत्या के बाद जिस पत्नी ने सबसे ज्यादा दुख मनाया और चोरी की कहानी बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, वही डेजी परवीन इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली। उसने अपने प्रेमी अनवर हुसैन के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी।
लोहे की रॉड से किया था वार
बता दे कि बॉयफ्रेंड अनवर डेज़ी परवीन से 10 साल छोटा है। 4 जुलाई की रात को रिजवान आलम की उसके घर में लोहे की रॉड से वार कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मृतक के पिता के बयान पर विशनपुर थाने में केस दर्ज किया गया था।
मृतक रिजवान दो महीने पहले कुवैत से लौटा था
बता दे कि मृतक रिजवान कुवैत में रह रहा था। वह दो महीने पहले घर लौटा था। इसके बाद डेज़ी परवीन और अनवर का एक-दूसरे से मिलना मुश्किल हो रहा था। आरोपी अनवर हुसैन ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि डेज़ी परवीन अपने पति पर उसे जान से मारने का दबाव बना रही थी। क्योंकि रिजवान के वापस आने के बाद दोनों की आपस में नहीं बन रही थी। इसके बाद अनवर समय पर लोहे की रॉड लेकर घर पहुंचा और आराम से रिजवान की हत्या कर दी।
पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड खंगाले
इस सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर SDPO खुसरू शिराज के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। मृतक की पत्नी डेज़ी परवीन के कॉल रिकॉर्ड को बनाई गई टीम ने एनालाइज़ किया।
दोनों में 9 साल से प्यार था
पुलिस का शक कॉल रिकॉर्ड और डेज़ी परवीन के बार-बार दिए बयानों से और गहरा हो गया। पूछताछ में पता चला कि मृतक की पत्नी डेज़ी परवीन करीब 9 साल से अनवर हुसैन के साथ रिलेशनशिप में थी। दोनों ने रिजवान को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
हत्या के बाद कमर में फंदा लगाया
घटना वाली रात पत्नी ने घर का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया और बॉयफ्रेंड को अंदर बुला लिया। गहरी नींद में सो रहे रिजवान की लोहे की रॉड से घोंपकर हत्या कर दी। हत्या के बाद कमरे में फंदा लगाया और ऐसा माहौल बनाया जैसे चोरों ने वारदात को अंजाम दिया हो। मृतक का मोबाइल फ़ोन और हत्या में इस्तेमाल रॉड भी मौके पर रख दिए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।









