
लखनऊ/झांसी: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA/मनी लॉन्ड्रिंग) के तहत दर्ज मामले की तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए ईडी की केंद्रीय टीमों ने आज सुबह-सुबह लखनऊ और झांसी स्थित पूर्व विधायक के कुल 5 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी (Raid) की है। इस अचानक हुई कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों और उनके करीबियों में हड़कंप मच गया है।
लखनऊ
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 8, 2026
➡पूर्व सपा विधायक के ठिकानों पर छापा
➡दीप नारायण सिंह यादव के यहां पहुंची ED
➡झांसी और लखनऊ के 5 ठिकानों पर छापा
➡आशियाना के सनराइज अपार्टमेंट में रेड
➡रेवती टावर में 508 नंबर फ्लैट में छापेमारी
➡ED ने मनी लॉन्ड्रिंग में केस दर्ज किया है
➡दीप नारायण यादव पर 60 से अधिक… pic.twitter.com/7ys8rgX5Pq
लखनऊ के दो वीआईपी फ्लैट्स में चल रही है छानबीन
जांच से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमों ने विशेष रूप से राजधानी लखनऊ में दीप नारायण सिंह यादव के दो अलग-अलग फ्लैटों को अपने घेरे में लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमें लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना स्थित ‘सनराइज अपार्टमेंट’ में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके साथ ही, राजधानी के ही ‘रेवती टावर’ के फ्लैट नंबर 508 में भी ईडी के अधिकारी दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों को खंगालने में जुटे हैं।
60 से ज्यादा मुकदमों का आपराधिक रिकॉर्ड:
गौरतलब है कि पूर्व सपा विधायक दीप नारायण सिंह यादव पर पहले से ही हत्या के प्रयास, जमीन कब्जाने, सरकारी काम में बाधा डालने और अवैध संपत्तियों के अर्जन सहित 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस और विजिलेंस टीम द्वारा पूर्व में दर्ज किए गए ‘आय से अधिक संपत्ति’ (Disproportionate Assets) के मुकदमे को ही आधार बनाते हुए ईडी ने उनकी वित्तीय कड़ियों को जोड़ना शुरू किया था। आज की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य उन बेनामी संपत्तियों, बैंक खातों और शेल कंपनियों के दस्तावेजों को रिकवर करना है, जिनके जरिए कथित तौर पर अवैध रूप से कमाए गए काले धन को सफेद (लॉन्ड्रिंग) किया जा रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर सभी ठिकानों पर भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।









