“मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता”, ठगी के बाद अपराधी ने पीड़ित को फोन कर दी 1930 पर कॉल करने की चुनौती

कानपुर के गोविंद नगर इलाके में साइबर ठगी का एक ऐसा अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ठग ने पीड़ित के खाते से लाखों रुपये उड़ाने के बाद खुद ही फोन करके इसकी जानकारी दी। इतना ही नहीं, शातिर अपराधी ने पीड़ित को साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की खुली चुनौती भी दे डाली।

टीडीएस की रकम आते ही शुरू हुए संदिग्ध कॉल

गोविंद नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले डेरी संचालक ज्ञानू सिंह का खाता इंडसइंड बैंक की स्थानीय शाखा में है। पीड़ित के मुताबिक, बीते 22 जून को उनके बैंक खाते में टीडीएस (TDS) रिफंड के 2.36 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। रकम खाते में क्रेडिट होते ही ज्ञानू सिंह के मोबाइल पर अलग-अलग अनजान नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज आने का सिलसिला शुरू हो गया। किसी अनहोनी के डर से उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क किया, जहां अधिकारियों ने उन्हें सावधानी बरतने और किसी भी स्थिति में ओटीपी (OTP) या कोई अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी।

बिना ओटीपी दिए खाते से गायब हुए 2.80 लाख रुपये

पीड़ित ने बैंक के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया और किसी को कोई जानकारी नहीं दी। इसके बावजूद, 25 जून की दोपहर करीब दो बजे उनके खाते से अचानक 2.80 लाख रुपये निकाल लिए गए। जब ज्ञानू सिंह ने बाद में बैंक मैनेजर से इस संबंध में संपर्क किया, तो आधिकारिक तौर पर पुष्टि हुई कि उनके खाते से वाकई 2.80 लाख रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं। बिना किसी मानवीय चूक या ओटीपी साझा किए इतनी बड़ी रकम का गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ठग ने खुद फोन कर दी 1930 पर शिकायत की सलाह

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ शाम चार बजे आया, जब पीड़ित के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन कॉल आई। फोन करने वाले शख्स ने बेहद बेखौफ अंदाज में कहा कि उसने ही ज्ञानू के खाते से रुपये पार किए हैं। शातिर ठग ने पीड़ित को चिढ़ाते हुए कहा कि वह तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत दर्ज करा दे। ठग ने घमंड में आगे कहा, “मेरा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता, इसलिए मैं खुद ही तुम्हें शिकायत करने के लिए कह रहा हूं।”

पुलिस और साइबर सेल ने शुरू की जांच

इस सनसनीखेज वारदात के बाद पीड़ित ने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। गोविंद नगर थाना प्रभारी अशोक दुबे ने मीडिया को बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम के साथ-साथ साइबर सेल (Cyber Cell) की मदद ली जा रही है, जो ठग द्वारा इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों और बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों को खंगालकर आरोपी की लोकेशन और पहचान जुटाने में लगी है।

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