
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चल रहे विवाद और चढ़ावा चोरी के आरोपों पर अब अयोध्या के साधु-संतों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। रामदास बाल योगी जी महाराज ने ट्रस्ट की वर्तमान कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे ट्रस्ट में हुए हालिया बदलावों से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं और मांग की है कि पूरी कमेटी को तुरंत भंग कर इसका पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
अयोध्या: रामदास बाल योगी जी महाराज का बयान
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 11, 2026
‘हम लोग अभी ट्रस्ट के बदलाव से संतुष्ट नहीं है।’ ‘अयोध्या के साधु संतों को स्थान देना चाहिए’, हनुमान गढ़ी में कभी चढ़ावा चोरी नहीं है।
‘करोड़ो रुपए आया कभी चोरी की शिकायत नहीं’, अयोध्या वासी चंपत राय आक्रोशित है। ‘लोग अनिल मिश्रा,… pic.twitter.com/lYbYx0IBDF
रामदास बाल योगी जी ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में अयोध्या के स्थानीय साधु-संतों को उनका उचित स्थान मिलना चाहिए। हनुमान गढ़ी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन आज तक कभी एक रुपये की चोरी की शिकायत नहीं मिली। इसके विपरीत, राम मंदिर ट्रस्ट के वर्तमान पदाधिकारियों—विशेषकर चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव—के खिलाफ अयोध्यावासियों में भारी गुस्सा है।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले में बड़े रसूखदार लोगों को जानबूझकर बचा लिया गया है। योगी जी का दावा है कि चंपत राय को इस पूरी चोरी के बारे में सब कुछ पहले से पता था। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर व्यवस्था नहीं बदली गई, तो कुछ समय बाद फिर से चोरी शुरू हो जाएगी। संत समाज ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि चढ़ावा चोरी में शामिल सभी असली दोषियों को तत्काल प्रभाव से जेल भेजा जाना चाहिए। इस बयान के बाद ट्रस्ट और अयोध्या के संतों के बीच तल्खी और बढ़ने के आसार हैं।









