
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है। सोमवार को सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल की एक मीटिंग को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान इस समय अमेरिका के साथ “पूरी तरह से युद्ध” की स्थिति में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल सैन्य हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दायरे बहुत व्यापक हैं और देश को इसके विरोध के सभी नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार रहना होगा।
रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि आज का युद्ध सिर्फ मिसाइलों से नहीं लड़ा जा रहा है। दुश्मनों को यह समझ आ गया है कि वे मिलिट्री हमलों के जरिए ईरान को कभी झुका नहीं सकते। यही वजह है कि अब ईरान की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की रोजी-रोटी को देश के दुश्मनों के साथ टकराव का मुख्य मैदान बना दिया गया है।
देश की तरक्की रोकना चाहते हैं दुश्मन
पेज़ेशकियन ने घरेलू और बाहरी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुश्मन देश की प्रगति और आगे बढ़ने के रास्ते में रुकावटें पैदा कर रहे हैं। वे इस क्षेत्र में किसी भी आजाद, ताकतवर और सफल इस्लामिक देश को देखना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि इन साज़िशों का मुकाबला करने के लिए देश की अंदरूनी समस्याओं को सुलझाना और आपसी एकता बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा संकट से निपटने के लिए सभी पक्षों में तालमेल और एक समान नजरिया होना चाहिए।
बातचीत और राष्ट्रीय हितों पर स्पष्ट रुख
राष्ट्रपति ने ईरान की बातचीत की स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि हालिया समझौतों में देश ने अपने मूल हितों, सिद्धांतों और क्रांतिकारी मूल्यों से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौतों में कोई भी ऐसा क्लॉज़ नहीं था जिससे अमेरिकी पक्ष को एकतरफा फायदा हुआ हो। इसके साथ ही उन्होंने माना कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाले इस रास्ते पर चलने की कुछ कीमत चुकानी पड़ेगी, जिसे देश को स्वीकार करना होगा। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अपने विरोधी रहे नेताओं (जैसे गालिबफ और जकानी) का जिक्र करते हुए देशहित में सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए उनकी सराहना भी की।
अमेरिका और गालिबफ की तीखी प्रतिक्रिया
इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अमेरिकी सेना की तैनाती पर सवाल उठाते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक तरफ क्षेत्र में नए सैन्य उपकरण ला रहा है और दूसरी तरफ शांति की बात कर रहा है। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की है कि हाल ही में थर्ड-पार्टी बिचौलियों के जरिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बैकचैनल संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, हालांकि उन्होंने मौजूदा सैन्य झड़पों और तनाव के लिए पूरी तरह से अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।









