PLI स्कीम का जबरदस्त असर- 14 सेक्टरों में 2.40 लाख करोड़ निवेश, 14 लाख से ज्यादा नौकरियां, EV चार्जिंग स्टेशन 52 हजार पार

नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को संसद में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना की शानदार सफलता का ब्योरा पेश करते हुए बताया कि 31 मार्च, 2026 तक 14 प्रमुख क्षेत्रों में 2.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ और इससे 14.15 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि पीएलआई योजना के चलते पिछले तीन वर्षों में निर्यात में जबरदस्त उछाल आया है।

किस सेक्टर में कितना निवेश?

14 सेक्टरों में सबसे अधिक निवेश सोलर फोटोवोल्टिक (PV) मॉड्यूल में कुल 64,873 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसके बाद फार्मास्यूटिकल्स में 45,158 करोड़ रुपये, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स में 44,326 करोड़ रुपये, स्पेशियलिटी स्टील में 23,896 करोड़ रुपये और बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में 20,580 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। कपड़ा उद्योग के लिए पीएलआई योजना के तहत स्वीकृत 170 कंपनियों ने 8,117.64 करोड़ रुपये का निवेश कर 33,427 नए रोजगार सृजित किए।

एथनॉल खरीद और EV चार्जिंग का हाल

सरकार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने एथनॉल आपूर्ति वर्ष 2024-25 में 73,996 करोड़ रुपये का एथनॉल खरीदा, जबकि चालू वर्ष जून तक यह आंकड़ा 49,577 करोड़ रुपये रहा। एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की सबसे अधिक बिक्री उत्तर प्रदेश (124.98 करोड़ लीटर) में हुई। वहीं, देशभर में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 52,718 तक पहुंच गई है, जिनमें 16,561 फास्ट चार्जर शामिल हैं। फेम इंडिया स्कीम फेज-2 के तहत करीब 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में मदद मिली और 5,197 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी गईं।

विदेशी निवेशकों ने निकाले 4.58 लाख करोड़

दूसरी ओर, सरकार ने राज्यसभा में बताया कि अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2026 के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से कुल 4.58 लाख करोड़ रुपये की निकासी की, जिसके लिए भू-राजनीतिक तनाव, ट्रेड टैरिफ अनिश्चितता और मुद्रा में उतार-चढ़ाव जैसे कारक जिम्मेदार रहे। हालांकि, इसी दौरान डेट सेगमेंट में 72,701 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम जून 2021 के 33.67 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर जून 2026 में 82.22 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

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