NEET Paper Leak: AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में चर्चा की मांग, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी दिया स्थगन प्रस्ताव

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले, परीक्षा प्रणाली की खामियों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ...

NEET UG Paper Leak: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले, परीक्षा प्रणाली की खामियों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा की मांग की है।

नई दिल्ली: AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के महासचिव को नोटिस देकर सदन के सभी कामकाज को स्थगित कर NEET-UG प्रश्न पत्र लीक, सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विफलताओं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की।

संजय सिंह ने अपने नोटिस में कहा कि NEET-UG परीक्षा को लेकर मामला बेहद संवेदनशील और जनहित से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में यह चौथी बार है जब NEET प्रश्न पत्र लीक की घटना सामने आई है, जिससे मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली की कमजोरियां उजागर हुई हैं। संजय सिंह ने दावा किया कि ऐसी घटनाओं से देश की परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

AAP सांसद ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि मूल परीक्षा में 22,05,035 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जबकि दोबारा आयोजित परीक्षा में 19,99,895 उम्मीदवार पहुंचे।

वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में नए एंटी-डिफेक्शन कानून की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया। उन्होंने प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य सूचीबद्ध कार्यों को स्थगित कर दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा कराने की मांग की।

मनीष तिवारी ने कहा कि राजनीतिक दलों में अवसरवाद के कारण होने वाले बड़े पैमाने पर दलबदल को रोकने के लिए नए कानून की आवश्यकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की।

इसके अलावा कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों की सुरक्षा और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया।

टैगोर ने आरोप लगाया कि NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक से प्रभावित हुई और इसके कारण परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करनी पड़ी। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संस्थागत विफलता के बावजूद उन्होंने नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की।

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