
मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास में 12 सितंबर 1992 को हुआ चर्चित ‘जेजे अस्पताल शूटआउट’ एक खूनी मोड़ साबित हुआ था। इस वारदात का सीधा संबंध पूर्वांचल के बाहुबली नेता और पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह से जुड़ा हुआ है। ब्रजेश मिश्रा के पॉडकास्ट में पूर्व IPS राजेश पांडे ने दावा किया कि दाऊद इब्राहिम और अरुण गवली गिरोह के बीच जारी गैंगवार में बृजेश सिंह मुख्य शूटर के रूप में शामिल थे, जिन्होंने दाऊद कंपनी के इशारे पर इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया था।
बता दें, 12 सितंबर 1992 को मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती अरुण गवली गैंग के सदस्य शैलेश हलदणकर को मारने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी की गई थी। इस दुस्साहसिक हमले में गवली गैंग के सदस्य के साथ-साथ सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए थे। इस कांड ने पूरे देश में तहलका मचा दिया था और इसके बाद ही भारतीय अंडरवर्ल्ड में एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।
बता दें, लंबी फरारी के बाद बृजेश सिंह को साल 2008 में दिल्ली पुलिस और एसटीएफ की मदद से ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के दौरान गवाहों द्वारा पहचान न पाए जाने और पुख्ता सबूतों के अभाव के कारण साल 2013 में मुंबई की एक विशेष अदालत ने बृजेश सिंह को जेजे अस्पताल शूटआउट मामले से बरी कर दिया था। पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय के दावों ने अंडरवर्ल्ड के इस पुराने और काले अध्याय को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।









