“छात्र अकेले नहीं, पूरा विपक्ष उनके साथ है”… INDI गठबंधन की बैठक के बाद राहुल गांधी का बड़ा बयान…

नीट पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन की बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने गांधी स्मृति तक मार्च निकाला। राहुल ने कहा- छात्र अकेले नहीं हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास पर आज गुरुवार को ‘इंडी गठबंधन’ (INDI Alliance) की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में दोनों सदनों के कई दिग्गज विपक्षी सांसद शामिल हुए, जहां देश के मौजूदा हालातों और आगे की राजनीतिक रणनीति पर गहन मंथन किया गया।

‘छात्र अकेले नहीं हैं, पूरा विपक्ष साथ है’ बैठक के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि INDI गठबंधन के सभी नेता और सांसद शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति की ओर मार्च कर रहे हैं। राहुल गांधी ने लिखा, “हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया—वे बच्चे जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। हम उन छात्रों के साथ खड़े हैं जो आज घायल हैं, जिन्हें न्याय की मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं।”

बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?

राहुल गांधी के आवास पर हुई इस अहम बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एनसीपी (शरद गुट) से सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राज्यसभा सांसद जयराम रमेश, आरजेडी सांसद संजय यादव, परिणीति शिंदे, शफी परम्बिल, प्रमोद तिवारी और इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई प्रमुख विपक्षी चेहरे मौजूद रहे।

बीएल संतोष का तीखा तंज और राजनीतिक बयानबाजी

इस पूरी गतिविधि के बीच राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने राहुल गांधी के घर के बाहर खड़ी खाली बसों और इस मार्च पर सवाल उठाते हुए इसे “ड्रामेबाजी” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सब जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

संसद से लेकर सड़क तक गतिरोध

दूसरी ओर, नीट पेपर लीक को लेकर संसद का मानसून सत्र भी लगातार बाधित हो रहा है। विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में त्वरित न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया है, और सरकार संसद में चर्चा के लिए भी तैयार है। वहीं, सरकार द्वारा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत के प्रस्ताव को कुछ प्रदर्शनकारी संगठनों ने खारिज कर दिया है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है।

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