
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में सड़क हादसों का सबब बन रहे और चालकों द्वारा धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जा रहे 27 अवैध कटों को अब बंद किया जाएगा। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने तीनों प्राधिकरणों—नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे—और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पत्र लिखकर इन सभी अवैध कटों को जल्द से जल्द बंद करने का अनुरोध किया है। इनमें से सबसे अधिक 14 अवैध कट अकेले एनएचएआई की सड़कों पर चिह्नित किए गए हैं।
शॉर्टकट के चक्कर में होती हैं दुर्घटनाएं
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि वाहन चालक अक्सर शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में गलत दिशा में अपने वाहन मोड़ लेते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों से सीधी टक्कर का खतरा हमेशा बना रहता है। राहगीरों की जान को जोखिम में डालने वाली इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए विभाग ने जिले की विभिन्न सड़कों का व्यापक सर्वे किया था, जिसके बाद 27 अवैध कटों की सूची तैयार की गई।
कंक्रीट बैरियर और लोहे की ग्रिल से होगीबंदी
संबंधित विभागों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले इन अवैध कटों पर कंक्रीट के बैरियर या लोहे की मजबूत ग्रिल लगाकर इन्हें पूरी तरह बंद करें। चिह्नित किए गए प्रमुख अवैध कटों में नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के तहत सोहरखा गेट, सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन और छिजारसी क्षेत्र शामिल हैं। वहीं, ग्रेटर नोएडा में एलजी गोलचक्कर, मकोडा व तिलपता गोलचक्कर के पास, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में गलगोटिया यूनिवर्सिटी और एनआईयू के सामने तथा एनएचएआई क्षेत्र में ईस्टर्न पेरिफेरल और एनएच-91 (334 सी) पर आनंद अस्पताल, खोड़ा धर्मपुरा, बादलपुर और धूममानिकपुर के पास के खतरनाक कट शामिल हैं।









