
आने वाले महीनों में मोबाइल यूजर्स की जेब पर बोझ और बढ़ सकता है। इसकी शुरुआत देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी एयरटेल (Airtel) ने अपने चुनिंदा सस्ते प्रीपेड प्लान्स को बंद करके कर दी है। कंपनी ने 299 रुपये और उससे कम कीमत वाले कुछ लोकप्रिय प्लान्स को हटा दिया है। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, एंट्री-लेवल के 299 रुपये वाले प्लान के हटने के बाद ग्राहकों को अब सीधे 349 रुपये वाले अगले उपलब्ध प्लान को चुनना होगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को हर रिचार्ज पर 50 रुपये तक ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं।
इस बदलाव के बाद अब सबकी निगाहें जियो (Jio) और वोडाफोन आइडिया (Vi) पर टिकी हैं, जिनके पास अभी भी 299 रुपये वाले किफायती विकल्प मौजूद हैं। जानकारों का मानना है कि 5G नेटवर्क के विस्तार और बेहतर रिटर्न के लिए आने वाले समय में 10 से 15 प्रतिशत तक की टैरिफ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। IIFL कैपिटल के मुताबिक, साल 2026 के अंत तक एक और नया टैरिफ हाइक आ सकता है। ARPU के मामले में फिलहाल एयरटेल 264 रुपये के साथ सबसे आगे चल रहा है, जबकि जियो 215.6 रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है।
विश्लेषकों का मानना है कि वोडाफोन आइडिया (Vi) के पास इस स्थिति का फायदा उठाने का मौका है। Vi चाहे तो अपने सस्ते प्लान्स को बरकरार रखकर उन ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है जो कम कीमत वाले प्लान्स तलाश रहे हैं। हालांकि, यदि Vi भी अपने टैरिफ में बदलाव करता है, तो उसका प्रति ग्राहक रेवेन्यू बढ़ सकता है। एयरटेल द्वारा सस्ते प्लान हटाने से कंपनी के मंथली रेवेन्यू प्रति कस्टमर में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।









