
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर कस्बे से सामाजिक भेदभाव का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां वाल्मीकि समाज के लोगों ने एक मैरिज हॉल संचालक पर जाति के आधार पर बुकिंग रद्द करने का आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर स्थानीय वाल्मीकि समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पूर्व दोनों पक्षों के बीच स्थानीय थाने में एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत मैरिज हॉल संचालक 70 हजार रुपये में हॉल देने के लिए सहमत हो गया था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बुकिंग और रकम तय होने के बाद जब मैरिज हॉल संचालक को उनकी जाति के बारे में पता चला, तो उसने मैरिज हॉल देने से साफ इनकार कर दिया।
पीड़ितों का कहना है कि पहले सब कुछ तय किया गया था, लेकिन जाति की जानकारी मिलते ही संचालक ने अपना फैसला बदल दिया। इस फैसले से दुखी और आक्रोशित वाल्मीकि समाज के लोगों ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ितों ने मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपी मैरिज हॉल संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायत पत्र सौंपा है।
इस घटना ने एक बार फिर यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज के आधुनिक दौर में भी किसी व्यक्ति को जाति के आधार पर सार्वजनिक सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है? फिलहाल, पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद प्रशासन से त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।









