
युवा और विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी समय के साथ अपनी खेल कला में लगातार परिपक्वता दिखाते जा रहे हैं। टी-20 क्रिकेट में अपने आक्रामक खेल से धूम मचाने के बाद अब सूर्यवंशी रेड बॉल क्रिकेट यानी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी अपनी गहरी छाप छोड़ रहे हैं। इन दिनों वे दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की तरफ से खेल रहे हैं, जहां टीम का मुकाबला फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ हो रहा है। बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में 44 रनों की एक ताबड़तोड़ पारी खेली, लेकिन उनके बल्ले के अलावा उनके शानदार क्रिकेटिंग सेंस और DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) लेने की गजब की क्षमता ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
बता दें, दलीप ट्रॉफी के इस खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन ने कप्तान ईशान किशन के शानदार दोहरे शतक (270 रन) की बदौलत पहली पारी में 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में उतरी साउथ जोन की टीम पर शुरुआत से ही दबाव था। मैच के छठे ओवर में तेज गेंदबाज मुकेश कुमार गेंदबाजी करने आए और क्रीज पर साउथ जोन के बल्लेबाज रिकी भुई मौजूद थे। ओवर की दूसरी गेंद पर गेंद और बल्ले का हल्का सा किनारा लगा, जिसे विकेटकीपिंग कर रहे कुमार कुशाग्र और फील्डिंग कर रहे वैभव सूर्यवंशी ने भांप लिया। अंपायर ने हालांकि इसे आउट नहीं दिया था, जिसके बाद इन दोनों ने कप्तान ईशान किशन को रिव्यू लेने के लिए राजी कर लिया।
जब थर्ड अंपायर ने रिप्ले चेक किया तो साफ दिखा कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गई थी, जिसके चलते मैदानी अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और रिकी भुई को पवेलियन लौटना पड़ा। इस दौरान स्टंप माइक में वैभव की आवाज साफ रिकॉर्ड हुई, जिसमें वे कह रहे थे, “ले लो, ले लो, पक्का आउट है।” महज 15 साल की उम्र में इस तरह की सूझबूझ और सटीक फैसला लेना अपने आप में हैरान करने वाला है।
खास बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब सूर्यवंशी का लिया गया DRS इतना सटीक साबित हुआ हो। इससे पहले सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भी उन्होंने एक शानदार रिव्यू लिया था। उस मैच में जब कप्तान ईशान किशन मैदान से बाहर थे, तब उप-कप्तान की जिम्मेदारी निभा रहे सूर्यवंशी ने आर्यन जुएल के खिलाफ सही समय पर रिव्यू लेकर अंपायर का फैसला बदलवाया था। क्रिकेट के गलियारों में इस युवा खिलाड़ी की पैनी नजर और खेल की समझ की चर्चा जोरों पर है।









