
जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में संपूर्ण ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में राष्ट्र गीत के सभी छह छंद गाए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई प्रमुख नेता करीब तीन मिनट 10 सेकंड तक सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े रहे। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने संपूर्ण वंदे मातरम के गायन पर आपत्ति जताई और अपनी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस को इस मुद्दे पर नसीहत दी। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
संपूर्ण वंदे मातरम पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सरकार के अन्य प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में वंदे मातरम के सभी छह छंदों का गायन हुआ। कांग्रेस ने कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद इस पर आपत्ति दर्ज कराई।
कांग्रेस का कहना है कि उसके सहयोगी दलों को स्वतंत्रता सेनानियों की सोच और उनके फैसलों का सम्मान करना चाहिए। पार्टी ने अपील की कि वंदे मातरम के वही दो वर्जन गाए जाने चाहिए, जिन्हें स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनाया था।
केसी वेणुगोपाल ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का पूरा वर्जन उस सामंजस्यपूर्ण और बहुलवादी सोच के अनुरूप नहीं है, जिसकी कल्पना भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी और जिसे उन्होंने आगे बढ़ाया था।
वेणुगोपाल ने देश के कुछ महान स्वतंत्रता सेनानियों का हवाला देते हुए सहयोगी दलों से उनके फैसलों और विचारों का सम्मान करने की अपील की। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि सहयोगी दलों को भी वंदे मातरम के वही दो छंद गाने चाहिए, जिन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनाया गया था।
कांग्रेस की आपत्ति पर BJP का पलटवार
कांग्रेस की आपत्ति के बाद भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने केसी वेणुगोपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संपूर्ण वंदे मातरम के गायन को लेकर संसद से नियम पारित होने के बावजूद कांग्रेस महासचिव की आपत्ति ने पार्टी का ‘असली चेहरा’ सामने ला दिया है।
भाजपा ने खास तौर पर इस बात को रेखांकित किया कि कांग्रेस की सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संवैधानिक मर्यादा का पालन करते हुए संपूर्ण वंदे मातरम के गायन में हिस्सा लिया। समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला भी राष्ट्र गीत के सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े रहे।
‘मुस्लिम लीग को छोड़कर सहयोगी भी कांग्रेस के साथ नहीं’
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी, यहां तक कि एनसीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता भी संपूर्ण वंदे मातरम के गायन में शामिल हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को इस पर आपत्ति है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी भी इस मुद्दे पर उसके साथ नहीं हैं और केवल मुस्लिम लीग को छोड़कर कोई उसका समर्थन करता नहीं दिख रहा।
‘कांग्रेस 21वीं सदी की मुस्लिम लीग बन चुकी है’
भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि अब इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कांग्रेस 21वीं सदी की मुस्लिम लीग बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का ‘सेकुलरिज्म का नकाब’ उतर चुका है और पार्टी कट्टरपंथी ताकतों के आगे पूरी तरह आत्मसमर्पण कर खुद को नई मुस्लिम लीग में बदल रही है।
जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में संपूर्ण वंदे मातरम के गायन से शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। कांग्रेस जहां अपने सहयोगी दलों से स्वतंत्रता सेनानियों की मूल भावना और बहुलवादी सोच का सम्मान करने की अपील कर रही है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की राष्ट्रगीत को लेकर सोच और उसकी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर हमला बोल रही है।









