
सिद्धार्थनगर: शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र तैयार कराने, उनका इस्तेमाल करने और एक युवक को कथित तौर पर फर्जी मुकदमे में फंसाने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में पिता-पुत्री के अलावा एक अज्ञात व्यक्ति शामिल है। पुलिस की यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद हुई।
बता दे कि शिकायतकर्ता संतोष पासवान ने जुलाई में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उनका आरोप है कि गांव के ही संतराम ने अपनी बेटी ऊषा के अलग-अलग शैक्षिक प्रमाणपत्र तैयार कराए हैं, जिनमें उसकी जन्मतिथि अलग दर्ज है। शिकायत के मुताबिक, एक प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 1 अप्रैल 2007, जबकि दूसरे शैक्षिक रिकॉर्ड में 8 जून 2009 दर्ज है। संतोष पासवान ने आरोप लगाया कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा रहा है। शिकायत में ऊषा की मेडिकल रिपोर्ट में उम्र 19 वर्ष दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है।
बेटे को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दस्तावेजों के आधार पर उनके बेटे संदीप पासवान को फर्जी मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने 23 जुलाई को न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, थाना और पुलिस अधीक्षक को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
न्यायालय ने 29 सितंबर को शोहरतगढ़ थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया। इसके करीब दो दिन बाद, 1 अक्टूबर को पुलिस ने संतोष पासवान की शिकायत पर संतराम, ऊषा और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब प्रमाणपत्रों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।









