देहरादून तिहरा हत्याकांड: 300 रुपये की मजदूरी के विवाद में 3 कत्ल, आरोपी की कुंडली खंगाल रही पुलिस

देहरादून : विष्णुलोक कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई अहम पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या की वजह मजदूरी को लेकर हुआ विवाद बताई जा रही है। हालांकि, महज 300 रुपये के विवाद में तीन लोगों की हत्या की बात कई सवाल भी खड़े कर रही है।

दो साल से घर में कर रहा था प्लंबिंग का काम

पुलिस के मुताबिक आरोपी राजकुमार करीब दो साल से रमेश कपूर के घर प्लंबिंग का काम करता था। परिवार उससे परिचित था और उस पर भरोसा भी करता था। मंगलवार को भी वह काम के सिलसिले में घर पहुंचा था। कुछ ही समय बाद घर में बुजुर्ग दंपती रमेश कपूर और रजनी कपूर की हत्या कर दी गई।

वही पुलिस के अनुसार राजकुमार 600 रुपये मजदूरी की मांग कर रहा था, जबकि दंपती 300 रुपये देने की बात कह रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि राजकुमार ने पेचकस से रमेश कपूर और रजनी कपूर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पड़ोस में काम कर रही घरेलू सहायिका तिलया देवी उर्फ शीला वहां पहुंची तो उसे भी आरोपी ने निशाना बनाया।

वारदात के बाद आसपास के लोगों ने राजकुमार को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस आरोपी के बयान को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से मिलाकर जांच आगे बढ़ा रही है।

बिजनौर भेजी गई पुलिस की टीम

पुलिस अब आरोपी राजकुमार के पुराने रिकॉर्ड और उसके आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल कर रही है। इसके लिए एक टीम बिजनौर भेजी गई है। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

बार-बार बदलता था रहने का ठिकाना

राजकुमार मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला बताया गया है। पिछले करीब पांच साल से वह इंद्रेश नगर में रह रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह लंबे समय तक एक ही मकान में नहीं रहता था और कुछ महीनों के अंतराल पर अपना कमरा बदल लेता था।

करीब दो महीने पहले भी किराया नहीं देने के कारण मकान मालिक ने उसे घर से निकाल दिया था। बताया जा रहा है कि उस समय उस पर छह महीने का किराया बकाया था। इसके बाद उसने आसपास ही दूसरा कमरा ले लिया। राजकुमार आसपास के घरों में प्लंबिंग का काम करता था। स्थानीय लोगों ने उसके नशे की प्रवृत्ति के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है। पुलिस उसके पुराने ठिकानों, काम और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

दीपावली पर आने वाले थे दोनों बेटे

रमेश कपूर और रजनी कपूर के दोनों बेटे दून से बाहर रहते हैं। बड़ा बेटा पुणे में नौकरी करता है, जबकि छोटा दिल्ली में रहता है। दोनों दीपावली पर माता-पिता से मिलने आने वाले थे। परिवार में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं और घर में मरम्मत का काम भी कराया जा रहा था। मंगलवार को माता-पिता की हत्या की सूचना मिलने के बाद दोनों बेटे देहरादून के लिए रवाना हुए। जिस घर में कुछ दिन बाद दीपावली की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब मातम पसरा है।

एक हजार से ज्यादा बुजुर्गों से पुलिस ने किया संपर्क

तिहरे हत्याकांड के बाद अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में एक हजार से अधिक बुजुर्गों से संपर्क किया। पुलिस ने बुजुर्गों की समस्याओं की जानकारी ली। साथ ही आपात स्थिति में मदद के लिए चीता पुलिस और संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए।

फास्ट ट्रैक पर होगी कार्रवाई

पुलिस मामले में जल्द से जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। एसएसपी ने कहा है कि हत्यारोपित राजकुमार को कड़ी सजा दिलाने के लिए मुकदमे को फास्ट ट्रैक पर चलाने की पैरवी की जाएगी।

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