
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के पुलिस महकमे में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शातिर अपराधी और कथित ‘ब्लैकमेल क्वीन’ श्रद्धा दुबे को संरक्षण देने और बचाने के आरोपों में घिरे डीसीपी (DCP) सेंट्रल विक्रांत वीर पर गाज गिर गई। शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आईपीएस विक्रांत वीर को उनके पद से हटाकर डीजीपी (DGP) मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही इंस्पेक्टर हजरतगंज को भी पद से हटा दिया गया है।
ब्रेकिंग न्यूज़। लखनऊ। शातिर अपराधी और ब्लैकमेल क्वीन श्रद्धा दुबे के प्रति अपार श्रद्धाभाव प्रकट करने वाले IPS विक्रांत वीर को आखिरकार हटा दिया गया। उन्हें DGP मुख्यालय से संबद्ध किया गया। ब्लैकमेल क्वीन श्रद्धा दुबे को अब तक बचाए रखने। मेकअप करवा के मीडिया में इंटरव्यू दिलवाने में DCP सेंट्रल की बड़ी भूमिका रही है। शाम को इंस्पेक्टर हजरतगंज और रात में DCP हटा दिए गए। लेकिन श्रद्धा दुबे किसके कब्जे में ये अभी किसी को भनक नहीं लगी। आज दोपहर से मीडिया में इंटरव्यू देकर इनामी अपराधी श्रद्धा दुबे ने हड़कंप मचा दिया। विक्रांत वीर और उनके सीनियर अफसरों पर गंभीर आरोप हैं।
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) October 19, 2026
दरअसल, इनामी अपराधी श्रद्धा दुबे के मीडिया में अचानक सामने आकर इंटरव्यू देने और सनसनीखेज खुलासे करने के बाद पुलिस प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। आरोपों के मुताबिक, इनामी अपराधी श्रद्धा दुबे को अब तक बचाए रखने और बाकायदा मेकअप करवाकर मीडिया में इंटरव्यू दिलवाने में पुलिस अफसरों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी। महिला अपराधी द्वारा डीसीपी विक्रांत वीर और उनके कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शाम को पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर को हटाया गया और फिर देर रात डीसीपी सेंट्रल पर बड़ी कार्रवाई की गई। हालांकि, इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि मीडिया में साक्षात्कार देकर हड़कंप मचाने वाली इनामी अपराधी श्रद्धा दुबे आखिरकार इस वक्त किसके कब्जे में है, इसकी भनक अब तक किसी को नहीं लग पाई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और खाकी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









