
रामनगर : वन विभाग की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह तड़के पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की। सुबह करीब चार बजे सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी राजकीय महाविद्यालय से रवाना होकर पुछड़ी गांव पहुंचे। इसके बाद सुबह पांच बजे से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया।
बता दे कि प्रशासन ने इस पूरी कार्रवाई को व्यवस्थित तरीके से अंजाम देने के लिए क्षेत्र को 14 सेक्टरों में बांटा है। अलग-अलग स्थानों पर एक साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अभियान शुरू होने से पहले ही कई लोगों ने रात में अपना सामान हटा लिया था। इसके बावजूद मौके पर मौजूद कच्चे और पक्के निर्माणों को हटाने का काम शुरू किया गया। प्रशासन के मुताबिक, करीब पांच हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना है।
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती
अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अभियान में पांच एसपी स्तर के अधिकारी, छह सीओ, 25 निरीक्षक, 82 उपनिरीक्षक और 525 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी की तीन कंपनियां भी मौके पर मौजूद हैं।
पूरे इलाके को दो सुपर जोन, सात जोन और 14 सेक्टर में विभाजित किया गया है। आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए छह बैरियर भी बनाए गए हैं। एसपी डॉ. जगदीश चंद्र को अभियान का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, तीन अपर पुलिस अधीक्षक और छह क्षेत्राधिकारी अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
वन विभाग और प्रशासनिक टीमें भी मोर्चे पर
इस अभियान में पुलिस और पीएसी के साथ बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। वन विभाग की ओर से दो डीएफओ, पांच एसडीओ, 14 रेंजर और 240 डिप्टी रेंजर व बीट अधिकारी अभियान में शामिल हैं।
किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए फायर सर्विस, बम निरोधक दस्ता, एंटी रायट टीम, आंसू गैस दस्ता और क्विक रिस्पांस टीम को भी तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद है। प्रशासन का लक्ष्य करीब पांच हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों की टीमें समन्वय के साथ अभियान चला रही हैं।









