फुल नेटवर्क के बाद भी क्यों स्लो चलता है इंटरनेट? जानिए इसके पीछे की असली वजह और समस्या को दूर करने के आसान तरीके

घर के किसी कोने में जाने पर अक्सर फोन के सिग्नल कम हो जाते हैं और इंटरनेट की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। लेकिन हैरानी तब होती है जब फोन में नेटवर्क के पूरे टावर दिख रहे हों, और इसके बावजूद इंस्टाग्राम की रील्स लोड न हों या यूट्यूब पर वीडियो बफर होने लगे। ऐसे में झुंझलाकर लोग अक्सर टेलीकॉम कंपनियों को भला-बुरा कहने लगते हैं। हालांकि, हर बार गलती कंपनी की नहीं होती, बल्कि इसके पीछे तकनीकी और व्यावहारिक वजहें जुड़ी होती हैं।

नेटवर्क सिग्नल और इंटरनेट स्पीड का अंतर

फोन में दिखने वाली सिग्नल बार सिर्फ यह बताती हैं कि आपका डिवाइस नजदीकी मोबाइल टावर से कितनी मजबूती से जुड़ा है। इसका इंटरनेट की स्पीड से सीधा लेना-देना नहीं होता। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी चौड़े हाईवे पर अपनी गाड़ी लेकर खड़े हों, सड़क एकदम साफ और बढ़िया हो, लेकिन आगे भारी ट्रैफिक जाम लगा हो। ऐसी स्थिति में आपकी गाड़ी की रफ्तार स्वतः धीमी हो जाती है। ठीक इसी तरह फुल नेटवर्क होने के बाद भी कई कारणों से इंटरनेट स्लो हो जाता है।

मोबाइल टावर पर भारी ट्रैफिक (नेटवर्क कंजेशन)

फुल सिग्नल के बावजूद इंटरनेट धीमा होने की सबसे बड़ी वजह ‘नेटवर्क कंजेशन’ यानी एक ही टावर पर जरूरत से ज्यादा यूजर्स का लोड होना है। जब आप किसी भीड़भाड़ वाले इलाके, मॉल, रेलवे स्टेशन पर होते हैं या शाम के वक्त अपने घर पर आराम कर रहे होते हैं, तो आसपास के हजारों लोग एक ही मोबाइल टावर से कनेक्टेड होते हैं। हर मोबाइल टावर की डेटा सप्लाई करने की एक तय क्षमता यानी बैंडविड्थ होती है। जब एक ही समय पर बहुत सारे लोग एचडी वीडियो देखने लगते हैं, भारी फाइलें डाउनलोड करते हैं या ऑनलाइन गेमिंग करते हैं, तो टावर का डेटा पाइप जाम हो जाता है। फोन को सिग्नल तो पूरा मिलता है, लेकिन टावर के पास आपको तेज स्पीड देने के लिए पर्याप्त बैंडविड्थ नहीं बचती। इसके अलावा, लो-फ्रीक्वेंसी बैंड दीवारों को पार करके घर के अंदर फुल सिग्नल तो दे देते हैं, लेकिन उनकी डेटा स्पीड हाई-फ्रीक्वेंसी बैंड के मुकाबले काफी कम होती है।

आपके स्मार्टफोन की सेटिंग्स और बैकग्राउंड ऐप्स

कई बार समस्या नेटवर्क की नहीं, बल्कि खुद आपके स्मार्टफोन के भीतर चल रही गतिविधियों की होती है। हमारे फोन में कई ऐसे ऐप्स होते हैं जिनका इस्तेमाल हम नहीं भी कर रहे होते, तब भी वे बैकग्राउंड में चुपचाप डेटा खींचते रहते हैं। क्लाउड पर फोटो का ऑटो-बैकअप होना, प्ले स्टोर पर ऐप्स का अपने-आप अपडेट होना या सोशल मीडिया ऐप्स का लगातार नोटिफिकेशन सिंक करना इंटरनेट स्पीड का बड़ा हिस्सा खपत कर लेता है। इसके अलावा, यदि फोन में डेटा सेवर या बैटरी सेवर मोड ऑन है, तो डिवाइस खुद-ब-खुद इंटरनेट की रफ्तार पर ब्रेक लगा देता है। महीनों तक फोन को रीस्टार्ट न करने से नेटवर्क कैश में बग आ जाते हैं, और वीपीएन (VPN) के इस्तेमाल से भी स्पीड आधी से कम रह जाती है।

स्लो इंटरनेट को ठीक करने के आसान तरीके

अगर आप भी फुल सिग्नल के बावजूद कम स्पीड से परेशान हैं, तो कुछ आसान ट्रिक्स अपना सकते हैं। सबसे कारगर तरीका है अपने फोन को 15-20 सेकंड के लिए ‘एयरप्लेन मोड’ पर डालना और फिर वापस ऑन करना। इससे फोन पुराने और भीड़भाड़ वाले नेटवर्क बैंड को छोड़कर सबसे फ्रेश और तेज सिग्नल चैनल से दोबारा कनेक्ट हो जाता है। इसके अलावा, नेटवर्क सेटिंग्स को रीसेट करना या एपीएन (APN) को डिफॉल्ट पर सेट करना भी फायदेमंद होता है। यदि आपके इलाके में 5G बार-बार अटक रहा है, तो फोन को कुछ देर के लिए 4G/LTE पर स्विच कर लें, क्योंकि कई बार स्टेबल 4G नेटवर्क सुस्त 5G के मुकाबले कहीं बेहतर और निर्बाध प्रदर्शन देता है।

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