
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली पुरी और कटक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। साथ ही और कई रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास कर राष्ट्र को समर्पित किया। इन दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जब वंदे भारत एक स्थान से दूसरे स्थान से गुजरती है तो उसमें भारत की गति और भारत की प्रगति दिखाई देती है। अब कोलकाता से पूरी जाना हो या पूरी से कोलकाता ये यात्रा केवल साढ़े 6 घंटे की हो गई है. उन्होंने कहा कि आज ओडिशा और प.बंगाल के लोगों को वंदे भारत ट्रेन का उपहार मिल रहा है. वंदे भारत ट्रेन आधुनिक भारत और आकांक्षीय भारतीय दोनों का प्रतीक बन रहा है।
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली पुरी और कटक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी और कई रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास कर राष्ट्र को समर्पित किया। pic.twitter.com/kSIXteIGTe
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 18, 2023
देश का हर राज्य आगे बढ़ रहा- PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते वर्षों में भारत ने कठिन से कठिन वैश्विक हालातों में भी अपने विकास की गति को बनाए रखा है। इसके पीछे एक बड़ा कारण है कि इस विकास में हर राज्य की भागीदारी है, देश हर राज्य को साथ लेकर आगे बढ़ रहा. आज का नया भारत टेक्नोलॉजी भी खुद बना रहा है और नई सुविधाओं को तेजी से देश के कोने-कोने में पहुंचा भी रहा है। ये वंदे भारत ट्रेन भारत ने अपने बलबूते ही बनाई है। आज भारत अपने बलबूते ही 5G टेक्नोलॉजी विकसित कर उसे देश के दूर-सुदूर क्षेत्र में लेकर जा रहा है.
PM ने वर्चुअली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली ओडिशा में वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पीएम ने कहा कि भारत ने कोरोना जैसी महामारी की स्वदेशी वैक्सीन तैयार करके भी दुनिया को चौंका दिया था। इन सब प्रयासों में समान बात ये है कि ये सारी सुविधाएं किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रहीं बल्कि सबके पास तेजी से पहुंचीं। हमारी ‘वंदे भारत ट्रेनें’ भी अब उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से लेकर पश्चिम तक देश के हर किनारे को स्पर्श करती हैं.
हर वर्ष 120 किमी लाइन बिछ रहीं
पीएम ने यह कहते हुए खुशी जाहिर किया कि पिछले 8-9 वर्षों में ओडिशा में रेल परियोजनाओं के बजट में काफी वृद्धि की गई है। 2014 के पहले 10 वर्षों में यहां हर वर्ष औसतन 20 किमी के आसपास ही रेल लाइनें बिछाई जाती थीं, जबकि 2022-23 में यहां पर 120 किमी के आसपास नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं.









