
शनिवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने वहां के ताजा राजनीतिक हालात, नये बदलते समीकरण एवं सम्बंधित घटनाक्रमों आदि की गहन समीक्षा की. बैठक के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए.
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी संगठन की गांव स्तर तक मजबूती व सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के अनवरत प्रयास आदि के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की. बैठक के दौरान मायवती ने पदाधिकारियों को संगठन की संभावित कमियों को दूर करने की हिदायत दी. साथ ही उन्होंने लोक सभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को पूरे तन, मन, धन के साथ जनता से जुड़ने की अपील की.
बसपा सुप्रीमों ने कहा विशेषकर हरियाणा राज्य की भाजपा गठबंधन सरकार में मतभेद व आपसी विवाद आदि के बढ़ने के कारण वहाँ राजनीतिक अस्थिरता व चुनावी वादाखिलाफी की लोगों में चर्चा ज्यादा है. इस कारण विकास बाधित है तथा आम जनता परेशान है. गरीबों, श्रमिकों एवं उपेक्षितों आदि का काफी बुरा हाल है. महिला पहलवानों द्वारा शोषण के विरुद्ध आन्दोलन करने को मजबूर होने के बावजूद इनके प्रति भाजपा व इनकी सरकारों के उदासीन रवैये को लेकर भी हरियाणा के लोगों की काफी नाराजगी जारी है.
उन्होंने कहा इसी प्रकार के अन्य और भी गरीब-विरोधी व धन्नासेठ समर्थक मामलों में प्राप्त फीडबैक से यही संभावना है कि वहाँ हरियाणा में भी विधान सभा का आम चुनाव समस से पहले लोकसभा आम चुनाव के साथ ही करा दिया जायेगा. इसलिए बी.एस.पी. को हर स्तर पर अपनी तैयारी पूरी-पूरी रखनी है, ताकि चुनाव पूरी मुस्तैदी के साथ लड़ कर हरियाणा के लोगों को “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय” की बेहतरीन सरकार मिलने की उनकी अधूरी तमन्ना पूरी की जा सके.









