
पीलीभीत- पीलीभीत के थाना जहानाबाद इलाके के पुल खमरिया गांव में चेहलुम ताजिया के जुलूस को लेकर दो समुदाय को खासा तनाव का माहौल था, दर असल हिंदू समुदाय का सड़क किनारे पड़ी जगह मंदिर की बताकर वहां ताजिया रखने का विरोध कर रहा था जिसको लेकर गांव में बवाल के आशंका जताई जा रही थी। तनाव को देखते हुए खुद आईजी बरेली डा. राकेश सिंह ने कमान संभाली और गांव में पैदल गश्त कर लोगो से संवाद स्थापित किया, साथ ही आईजी के निर्देशन में लगातार गांव मीटिंग भी की गई, उधर आईजी ने उपद्रवियों को चिन्हित कर स्थानीय पुलिस को कार्यवाही के निर्देश दिए थे ।

लगातार आईजी मॉनिटरिंग कर रहे जिसको लेकर सीओ, थानाध्यक्ष ने गांव में 194 लोगो को चिन्हित कर पाबंद किया साथ ही कई पर गुंडा एक्ट में कार्यवाही कर कई उपद्रवियों को जेल भी भेजा गया । दरअसल बीते दिन आईजी डा. राकेश सिंह ने गांव में कैंप किया और यह संदेश दिया की अगर कोई भी कानून से खिलवाड़ करेगा तो उसको बक्शा नही जायेगा, साथ ही पुलिस के अधिकारियों को कैमरे लगवाकर ड्रोन से निगरानी करने का आदेश दिया । यही वजह थी कि गांव में लगभग आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस फोर्स सहित पीएसी को भी तैनात किया गया और चप्पे चप्पे पर पुलिस की नजर थी । आईजी बरेली डा. राकेश सिंह की रणनीति से पुलखमरिया गांव को जलने से बचाने में अफसर कामयाब हो गए ।

चौराहा, गांव में कैमरे सहित ड्रोन से निगरानी के आईजी ने दिए आदेश
दरअसल गांव में आईजी के पैदल गश्त और संवाद कार्यक्रम के दौरान पुलिस को कैमरे लगवाकर और ड्रोन के जरिए निगरानी के आदेश दिए थे, जिसके बाद चेहलुम के जुलूस के दौरान पुलिस कैमरे, ड्रोन सहित निगरानी कर रही थी साथ गांव में भारी पुलिस बल तैनात होने से गांव छावनी में तब्दील हो गया । फिलहाल पुलिस की निगरानी में चेहलुम का ताजिया जुलूस गांव से निकला गया और खुरापाती तत्वों पर पुलिस की कड़ी निगरानी बनी रही है ।

आईजी की रणनीति से सकुशल संपन्न हुआ चेहलुम ताजिया जुलूस
उधर गांव पुलखमिया में वर्षो से ताजिया जुलूस की परंपरा है लेकिन इस बाद हिंदू समुदाय के लोग पुलखमरिया चौराहा पर दुकानों ने पीछे पड़ी खाली जगह मंदिर की बताकर ताजिया रखने का विरोध कर रहे थे और इसी बात को लेकर पूर्व में भी दोनो समुदाय में पथराव भी हो चुका है । तनाव देखते हुए आईजी राकेश सिंह ने जिले के अफसरों को निर्देश दिए और आईजी की रणनीति के जरिए जुलूस के दौरान भारी पुलिस फोर्स की निगरानी से जुलूस को उसी जगह रखा गया ।

उपद्रवियों को आईजी के निर्देशन में पहले से ही चिन्हित कर कार्यवाही की गई थी, जिसकी वजह से किसी की विरोध करने की हिम्मत नही पड़ी और चेहलुम ताजिया का जुलूस शांति पूर्वक निपट गया जिसके बाद पुलखमरिया को जलने से बचा लिया गया है ।









