
डिजिटल डेस्क- कथित भूमि घोटाले मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही है। सोरेन के ऊपर प्रवर्तन निदेशालय के लगातार जारी समन में शामिल न होने पर अब एक बड़ा एक्शन लिया गया है। सोमवार को ED की एक टीम भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर पहुंच गई। केंद्रीय एजेंसी के इस एक्शन को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि इस मामले में अब उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर उनके आवास के बाहर और अंदर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।
पहली बार 20 जनवरी सोरेन का बयान हुआ था दर्ज
मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से सीएम सोरेन को दसवां समन भेजा गया था। ED ने अपने समन में उनसे पूछताछ के लिए 29 से 31 जनवरी के बीच का समय मांगा था। मगर निदेशालय की तरफ से जारी समन का जवाब देने के बजाय सोरेन शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में पहली बार सोरेन का बयान 20 जनवरी को दर्ज किया था। बयान के लिए खुद केंद्रीय एजेंसी के जांचकर्ता उनके रांची स्थित आधिकारिक आवास पर गए थे। इस बीच उनके घर पर बिताए गए लगभग सात घंटों के दौरान जांचकर्ताओं ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत सोरेन का बयान दर्ज किया था। मगर जांचकर्ताओं द्वारा उस दिन पूछताछ पूरी नहीं हुई थी, जिसके चलते उनको यह ताजा समन जारी किया गया है।
इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए हेमंत ने समन न मिलने का कारण भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को बताया है उनका कहना है कि BJP झारखंड में उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है।
अब तक कुल 14 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
बता दें, साल 2024 के शुरू होते ही जांच एजेंसी एक्शन में आ गई थी। उसने राज्य में पूरे मामले की जांच के तहत सोरेन के प्रेस सलाहकार, साहिबगंज जिले के अधिकारियों और एक पूर्व विधायक के निवास स्थानों पर छापेमारी की थी। ED ने 2022 से, राज्य में अवैध खनन कार्यों से उत्पन्न “अपराध की आय” के 100 करोड़ रुपये की जांच कर रहा है। खबर है कि अब तक इस मामले में कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन गिरफ्तारियों में 2011-बैच के IAS अधिकारी छवि रंजन का नाम भी शामिल हैं, जो राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे।









