
Kachchatheevu: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कच्चातिवु द्वीप के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इंदिरा गांधी ने जब 50 साल पहले श्रीलंका को भारत का यह द्वीप सौंपा था, तब डीएमके भी उसके पक्ष में थी. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान तमिलनाडु में वोटिंग से पहले एस जयशंकर कहा कि राज्य के लोगों को इस मामले की पूरी सच्चाई पता होनी ही चाहिए.
आगे एस जयशंकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमें लगता है ये सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसके बारे में सबको पता होना चाहिए.तमिलनाडु के लोगों को भी जानकारी होने की चाहिए. ऐसा किस वजह से हुआ.जब केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर बात हो रही थी, तो वास्तव में तत्कालीन राज्य सरकार से परामर्श कर रहे थे.जिसका नेतृत्व डीएमके कर रही थी.
चलिए अब आपको थोड़ा सा कच्चातिवु द्वीप के बारे में थोड़ा सा बताते हुए चलते हैं.
कच्चातिवु द्वीप आखिर क्या है ?
कच्चातिवु पाक जलडमरूमध्य में एक छोटा-सा द्वीप है, जो बंगाल की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. ये भारत के रामेश्वरम और श्रीलंका के बीच स्थित है.कहा जाता है कि इसका निर्माण 14वीं शताब्दी में एक ज्वालामुखी विस्फोट के कारण हुआ था.फिर 285 एकड़ में फैला यह द्वीप 17वीं शताब्दी में मदुरई के राजा रामानंद के अधीन था. इसकी लंबाई 1.6 किलोमीटर और चौड़ाई केवल 300 मीटर है.









