
वाराणसी: श्रावण मास के पहले सोमवार पर काशी नगरी हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी। बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंगला आरती के बाद से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वेश्वर का जलाभिषेक किया।
बाबा विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश के लिए दोनों ओर से श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई दीं। मैदागिन से चौक होते हुए गेट नंबर-4 सिल्को गली और गेट नंबर-4A के रास्ते भक्त मंदिर परिसर पहुंचे। वहीं गोदौलिया से ढूंढीराज गेट नंबर-1 और नन्नू फरिया लेन से भी श्रद्धालुओं का लगातार आगमन जारी रहा।
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुबह से ही नंदी चौक गोदौलिया पर मोर्चा संभाला। दशाश्वमेध घाट से नंदी चौक और नंदी चौक से गेट नंबर-4 तक ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई।
कांवड़ियों पर हुई पुष्प वर्षा
सावन के पहले सोमवार पर जलाभिषेक के लिए पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का मंदिर प्रशासन ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान मंडलायुक्त वाराणसी मंडल एस राजलिंगम, मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विश्व भूषण मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर, नायब तहसीलदार समेत मंदिर प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने भक्तों पर फूल बरसाकर उनकी आस्था का सम्मान किया और उन्हें सुगम दर्शन-पूजन की शुभकामनाएं दीं। मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेटिंग, जिग-जैग व्यवस्था और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे भक्त आसानी से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सकें।
प्रशासन के अनुसार, सावन के पहले सोमवार को मंगला आरती के बाद सुबह 4 बजे से 8 बजे तक 2 लाख 35 हजार 200 श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।









