Adani Group और Dioxycle की बड़ी साझेदारी, भारत में बनेगा Low-Carbon Chemical Production का नया मॉडल

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL), अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी और फ्रांस की क्लीन-टेक्नोलॉजी कंपनी Dioxycle ने भारत में लो-कार्बन केमिकल प्रोडक्शन को विकसित करने और बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए लंबी अवधि की साझेदारी की घोषणा की है।

नई दिल्ली: अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL), अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी और फ्रांस की क्लीन-टेक्नोलॉजी कंपनी Dioxycle ने भारत में लो-कार्बन केमिकल प्रोडक्शन को विकसित करने और बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए लंबी अवधि की साझेदारी की घोषणा की है।

इस पहल की शुरुआत एक पायलट फैसिलिटी से होगी, जहां कैप्चर किए गए कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और रिन्यूएबल बिजली का इस्तेमाल कर फॉर्मिक एसिड (Formic Acid) का उत्पादन किया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद इस तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर विस्तार देने की योजना है।

Formic Acid और इसके डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल टेक्सटाइल, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग समेत कई उद्योगों में किया जाता है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य यह दिखाना है कि कैप्चर किए गए कार्बन उत्सर्जन को स्वच्छ ऊर्जा के जरिए उपयोगी उत्पादों में बदला जा सकता है।

इस साझेदारी में Dioxycle की इलेक्ट्रिकली ड्रिवन केमिकल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी और Adani Group की Clean Energy क्षमता, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म और प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन विशेषज्ञता को जोड़ा जाएगा। इससे सस्टेनेबल और लागत प्रभावी केमिकल प्रोडक्शन के लिए नया मॉडल तैयार करने का लक्ष्य है।

अदाणी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अदाणी ने कहा कि यह भारत की पहली ऐसी फॉर्मिक एसिड प्रोडक्शन फैसिलिटी होगी, जो पूरी तरह रिन्यूएबल इलेक्ट्रिसिटी और कैप्चर किए गए कार्बन से संचालित होगी। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी कार्बन उत्सर्जन को टिकाऊ और आर्थिक संपत्ति में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Dioxycle की CEO और Co-Founder डॉ. सारा लामैसन ने कहा कि यह साझेदारी क्लीन टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल स्केल को एक साथ लाने का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और औद्योगिक विकास के अवसर इस तकनीक को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए उपयुक्त हैं।

साझेदारी के तहत फॉर्मिक एसिड के अलावा ऊर्जा, मटेरियल, पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले अन्य केमिकल्स के विकास की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन आधारित फीडस्टॉक्स पर निर्भरता कम करना और उत्सर्जन घटाना है।

Adani Group के लिए यह पहल केमिकल सेक्टर में रणनीतिक विस्तार का हिस्सा है, जो कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं को नए कारोबार क्षेत्रों से जोड़ती है। यह साझेदारी भारत-यूरोप क्लीन टेक्नोलॉजी सहयोग को भी मजबूत करेगी।

यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के Make in India और Viksit Bharat 2047 जैसे लक्ष्यों को समर्थन देगा, जिसमें टेक्नोलॉजी आधारित विकास, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करना और टिकाऊ अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना शामिल है।

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